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कृषि भूमि पर पेड़ों की कटाई के लिए नए मॉडल नियम जारी, किसानों को मिलेगा सीधा फायदा

सरकार का उद्देश्य– कृषि वानिकी को बढ़ावा देना, किसानों की आमदनी बढ़ाना और पर्यावरण की रक्षा करना

Last Updated- June 29, 2025 | 6:56 PM IST
Farmer
प्रतीकात्मक तस्वीर

केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कृषि भूमि पर पेड़ों की कटाई से जुड़े नए ‘मॉडल नियम’ जारी किए हैं। इन नियमों का मकसद है कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में पेड़ आधारित खेती (Agroforestry) को बढ़ावा मिले और किसानों को सरल और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत पेड़ों की कटाई और बिक्री की सुविधा मिल सके।

मंत्रालय का कहना है कि पेड़ लगाकर खेती करने से:

  • किसानों की आमदनी बढ़ेगी, 
  • मिट्टी और पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा, 
  • जैव विविधता को बचाने में मदद मिलेगी, 
  • और प्राकृतिक जंगलों पर दबाव कम होगा। 

नए नियमों की खास बातें

  1. सरल प्रक्रिया:
    अब किसानों को पेड़ों की कटाई और उनके परिवहन के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। 
  2. ऑनलाइन पंजीकरण और अनुमति:
    किसान अब National Timber Management System (NTMS) नामक पोर्टल पर अपनी पेड़ की खेती का पंजीकरण कर सकेंगे। इसके लिए ज़मीन की जानकारी, पेड़ की किस्म, स्थान की KML फाइल और फोटो अपलोड करनी होगी। 
  3. ऑनलाइन कटाई की अनुमति:
    जब पेड़ काटने की जरूरत होगी, तो किसान पोर्टल पर ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। संबंधित एजेंसियां खेत का निरीक्षण करेंगी और कटाई की अनुमति जारी की जाएगी। 
  4. निगरानी व्यवस्था:
    वन विभाग के अधिकारी (DFO) इन एजेंसियों की गतिविधियों पर निगरानी रखेंगे ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। 

नियम लागू कौन करेगा? किसे होगा फायदा? 

इन नियमों को लागू करने की ज़िम्मेदारी Wood-Based Industries Guidelines, 2016 के तहत बनी राज्य स्तरीय समिति को दी गई है। यह समिति राज्यों को बताएगी कि कृषि वानिकी को कैसे बढ़ावा देना है और पेड़ों की कटाई और ट्रांसपोर्ट के नियमों को कैसे आसान बनाना है। 

सरकार का कहना है कि इन नियमों से:

  • देश में लकड़ी का उत्पादन बढ़ेगा, 
  • घरेलू उद्योगों को स्थानीय कच्चा माल मिलेगा, 
  • आयात पर निर्भरता कम होगी, 
  • और निर्यात बढ़ेगा। 

मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे इन नियमों को अपनाने पर विचार करें, ताकि किसानों को बिना रुकावट पेड़ आधारित खेती करने में मदद मिल सके।

सरकार के ये नए मॉडल नियम किसानों को अधिक आत्मनिर्भर बनाने, पर्यावरण को बचाने और लकड़ी उद्योग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। इससे किसानों को सहजता से व्यवसाय करने में मदद मिलेगी और देश में हरित विकास को गति मिलेगी।

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First Published - June 29, 2025 | 6:56 PM IST

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