facebookmetapixel
शिक्षा मंत्री का आश्वासन: UGC के नए नियमों से किसी का उत्पीड़न नहीं होगा, हर छात्र को मिलेगा समान न्यायसंसद का बजट सत्र कल से: कामकाज का समय तो बढ़ा, पर विधायी चर्चा और बिलों की संख्या में आई कमीPM मोदी बोले: भारत के उर्जा क्षेत्र में 500 अरब डॉलर के निवेश का अवसर, देश बनेगा दुनिया का रिफाइनिंग हबIT पेशेवरों के लिए खुला यूरोप का द्वार: अमेरिका की सख्ती के बीच भारत-EU डील से वीजा की राह आसानइस साल लोग नए पर्यटन स्थलों का करेंगे रुख, लंबे वीकेंड का पूरा फायदा उठाने की योजनाइलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में भारत की लंबी छलांग, यूरोप को होने वाले एक्सपोर्ट में 37% की भारी बढ़ोतरीसंसद का बजट सत्र बुधवार से शुरू, राष्ट्रपति के अभिभाषण और आम बजट पर होगी मुख्य चर्चाIndia-EU 6G Collaboration: तकनीक और विनिर्माण के मेल से संचार क्रांति को मिलेगी नई रफ्तारवस्त्र उद्योग के लिए ‘गेम चेंजर’ हो सकता है EU समझौता, 2030 तक $100 अरब निर्यात का लक्ष्य होगा पूराIndia-EU FTA: भारत-ईयू में बड़ा करार, बढ़ेगा साझा व्यापार; 2 अरब लोगों के बाजार तक पहुंच

Nobel Prize 2023: नॉर्वे के राइटर जॉन फॉसे को मिला साहित्य में नोबेल पुरस्कार

नोबेल कमेटी का मानना है कि जॉन फोसे ने अपने नाटकों और कहानियों के जरिये उन लोगों को आवाज दी है जो अपनी बातें कहने या रखने में सक्षम नहीं थे।

Last Updated- October 05, 2023 | 10:53 PM IST
Nobel Award Jon Fosse

Nobel Prize 2023 in Literature: साहित्य क्षेत्र में मिलने वाले नोबेल अवॉर्ड का गुरुवार को ऐलान कर दिया गया। इस साल यह प्रतिष्ठित अवार्ड नॉर्वे के राइटर जॉन फॉसे (Jon Fosse) को मिला है।

साहित्य में नोबेल पुरस्कार स्वीडिश अकादमी, स्टॉकहोम, स्वीडन द्वारा प्रदान किया जाता है। यह 1895 में अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत द्वारा स्थापित पांच नोबेल पुरस्कारों में से एक है।

नोबेल पुरस्कार के ऑफिशियल पेज के अनुसार, फॉसे को उनके इनोवेटिव प्ले (नाटकों) और कहानियों के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया है। नोबेल कमेटी का मानना है कि जॉन फोसे ने अपने नाटकों और कहानियों के जरिये उन लोगों को आवाज दी है जो अपनी बातें कहने या रखने में सक्षम नहीं थे।

फॉसे को 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में एक औपचारिक समारोह में किंग कार्ल XVI गुस्ताफ से नोबेल पुरस्कार मिलेगा। उस दिन वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की 1896 की मृत्यु की सालगिरह है।

फॉसे के काम की तुलना अक्सर सैमुअल बेकेट से की जाती है। हालांकि, फॉसे का काम न्यूनतर होता है और यह आसान भाषा में होता है जिससे उनका लिखा हुआ संदेश लोगों तक सीधा पहुंचता है। 64 वर्षीय फॉसे को कई वर्षों से नोबेल पुरस्कार की रेस में शामिल थे और इस बार उन्हें इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

इसके अलावा इस बार चिकित्सा क्षेत्र का पुरस्कार काटालिन कारिको (Katalin Kariko) और ड्रयू वीसमैन (Drew Weissman) को कोविड-19 से लड़ने के लिए MRNA टीकों के विकास से संबंधित उनकी खोजों के लिए प्रदान किया जाएगा।

कारिको हंगरी स्थित सेगेन्स यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं, वहीं पेनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी में भी पढ़ाते हैं। वीसमैन ने पेनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी में कारिको के साथ यह अनुसंधान किया

नोबेल पुरस्कार में 1.1 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (10 लाख डॉलर) का नकद इनाम दिया जाता है। यह धन पुरस्कार के संस्थापक स्वीडिश नागरिक अल्फ्रेड नोबेल की संपत्ति में से दिया जाता है जिनका 1896 में निधन हो गया था।

First Published - October 5, 2023 | 5:27 PM IST

संबंधित पोस्ट