facebookmetapixel
Advertisement
घर खरीदने की तैयारी में 50% खरीदार! ₹50 लाख से ₹1.5 करोड़ की प्रॉपर्टी पहली पसंदगोल्ड $10,000 तक, SIP फ्लो और स्मॉलकैप पर बड़ा दांव: क्रिस वुड ने बताया भारतीय मार्केट का प्लेबुकटाटा संस पर बड़ा फैसला, लिस्टिंग को हरी झंडी; एन चंद्रशेखरन बने रहेंगे चेयरमैनEPFO की नई ₹25,000 वेतन सीमा से बदलेगी सैलरी! क्या आपके हाथ में आएंगे कम पैसे?चीन ने 3 और भारतीय चावल निर्यातकों पर लगाया प्रतिबंध, अब तक 10 कंपनियों पर कार्रवाई; क्या है विवादकच्चा तेल महंगा, फिर भी इन 2 रिफाइनरी शेयरों को फायदा क्यों? डीजल ने बदल दिया पूरा गणितTata Sons का NBFC स्टेटस क्यों नहीं हुआ खत्म? RBI के नए FAQs से सामने आई बड़ी वजहUPI MDR पर ब्रोकर्स ने उठाए सवाल, SEBI चेयरमैन ने दिया राहत का संकेतNSE IPO में पैसा लगाने से पहले जान लें ये 10 खूबियां और 10 बड़े जोखिमNSE vs BSE: बाजार में NSE का दबदबा, फिर भी BSE को क्यों मिल रहा ज्यादा वैल्यूएशन?

भारत दो तिहाई  पाटेगा शुल्क अंतर!

Advertisement

भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार अमेरिका है। दोनों देशों के बीच 2024 में द्विपक्षीय व्यापार कुल 129 अरब डॉलर था।

Last Updated- May 09, 2025 | 11:03 PM IST
PM Modi and Trump

भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार शुल्क के अंतर को हालिया 13 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत करने की पेशकश की है। इसके बदले भारत अमेरिका के राष्ट्रपित डॉनल्ड ट्रंप से ‘मौजूदा व संभावित’ शुल्क वृद्धि में छूट चाहता है। इस मामले के जानकार दो सूत्रों के मुताबिक दोनों देश जल्दी से संधि करने के लिए तेजी से आगे बढ़े हैं।

इसका अर्थ यह है कि भारत और अमेरिका के बीच औसत शुल्क अंतर को सभी उत्पादों पर व्यापार की मात्रा के बिना गणना की जाए तो इसमें 9 प्रतिशत अंक की गिरावट हो सकती है। यह विश्व की सबसे बड़ी पांचवीं अर्थव्यवस्था में व्यापार बाधाओं को कम करने के सबसे बड़े बदलावों में से एक है।

भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार अमेरिका है। दोनों देशों के बीच 2024 में द्विपक्षीय व्यापार कुल 129 अरब डॉलर था। अभी व्यापार अंतर भारत के पक्ष में है। भारत का अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष 45.7 अरब डॉलर था।  

ट्रंप ने गुरुवार को ब्रिटेन के साथ अपने ‘पहले समझौते’ की घोषणा की थी। इसमें अमेरिका सामानों पर ब्रिटेन ने शुल्कों में कटौती की थी। लेकिन उसने अमेरिका के ब्रिटेन पर लगाए गए 10 प्रतिशत आधार शुल्क को कायम रखा है। लिहाजा अमेरिका ने अपने अन्य व्यापार साझेदार देशों के लिए खाका तय कर दिया है।

ट्रंप ने बीते महीने वैश्विक व्यापारिक साझेदारों के साथ दीर्घकालिक योजना के तहत जवाबी शुल्क को 90 दिन के लिए लंबित कर दिया था। इस क्रम में भारत से व्यापारिक समझौतों पर बातचीत के कारण 26 प्रतिशत शुल्क को भी टाल दिया गया था। इस विलंब के दौरान भारत सहित अन्य देशों पर लागू 10 प्रतिशत आधार शुल्क कायम रहना है।

भारत सरकार के तीसरे अधिकारी ने बताया कि ब्रिटेन के बाद इस समझौते को अंतिम रूप देने वाले अगले दो अन्य देश भारत और जापान हैं। उन्होंने कहा, ‘हमें देखना होगा कि कौन पहले लाइन को पार करेगा।’ इस मामले की जानकारी रखने वाले पहले दो अधिकारियों ने बताया, ‘भारत ने इस समझौते तक पहुंचने के लिए पहले चरण में शुल्क को 60 प्रतिशत कम करने की पेशकश की है और इस बारे में बातचीत जारी है।’ इन दो अधिकारियों में से एक अधिकारी ने बताया कि भारत ने अमेरिका से आयात किए जाने वाले सामान पर शुल्क घटाने जाने सहित करीब 90 प्रतिशत सामानों पर वरीयता पहुंच देने की पेशकश की है। भारत के अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल इस महीने की शुरुआत में पहुंचने की उम्मीद है।

Advertisement
First Published - May 9, 2025 | 10:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement