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आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य शाहिद लतीफ के बाद उसके घायल सहयोगी की भी मौत

पुलिस ने कहा कि लतीफ के करीबी सहयोगी और मस्जिद में प्रार्थना कराने वाले मौलाना अहद को भी गोली लगी थी जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

Last Updated- October 12, 2023 | 8:00 PM IST
Terrorist attack

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक मस्जिद में हमले के दौरान आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मारे गए सदस्य शाहिद लतीफ के एक करीबी सहयोगी मौलाना अहद ने भी बृहस्पतिवार को दम तोड़ दिया। मौलान अहद भी इस हमले में गोली लगने से घायल हो गया था। पुलिस ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इस हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर अब तीन हो गई है।

वर्ष 2016 में पठानकोट स्थित भारतीय वायुसेना के अड्डे पर हमले का मुख्य षड्यंत्रकर्ता लतीफ और उसके सुरक्षा गार्ड हाशिम अली की बुधवार की सुबह तीन बंदूकधारियों ने तब गोली मारकर हत्या कर दी थी जब वे यहां से 100 किलोमीटर से अधिक दूर पंजाब प्रांत के डस्का शहर स्थित एक मस्जिद में प्रार्थना कर रहे थे।

पुलिस ने कहा कि लतीफ के करीबी सहयोगी और मस्जिद में प्रार्थना कराने वाले मौलाना अहद को भी गोली लगी थी जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बृहस्पतिवार को उनकी मौत हो गई।

पंजाब पुलिस ने तीन लोगों की हत्या में शामिल होने के आरोप में छह अज्ञात संदिग्ध लोगों के खिलाफ धारा 302(हत्या), 324 (हत्या के प्रयास) और 148 (घातक हथियार रखना) समेत अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकि दर्ज की है।

‘पीटीआई-भाषा’ को उपलब्ध प्राथमिकी के मुताबिक, 22 से 23 साल की उम्र के छह बंदूकधारी तड़के मंडिके गुराया चौक (डस्का) स्थित नूरी-ए-मदीना मस्जिद पहुंचे। प्राथमिकी के मुताबिक, बंदूकधारियों में से तीन बाहर खड़े रहे जबकि अन्य तीन मस्जिद में घुस गए और सुबह 5.28 बजे लतीफ पर गोलियां चला दीं।

हमलावरों ने उसके सुरक्षा गार्ड और मौलाना अहद को भी गोलियों से छलनी कर दिया, लेकिन उन्होंने प्रार्थना कर रहे अन्य लोगों को निशाना नहीं बनाया। पुलिस ने कहा कि हमला करने के बाद हमलावर मोटरसाइकिलों पर बैठकर भाग गये। पुलिस अधिकारी वसीम अहमद ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि यह एक ‘लक्षित हत्या’ थी, क्योंकि हत्यारों का मुख्य लक्ष्य लतीफ था जिसे उन्होंने करीब से गोली मारी थी।

अहमद ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए पंजाब पुलिस प्रमुख के निर्देश पर तीन अलग-अलग जांच टीम गठित की गई हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने हमले के दौरान मस्जिद में मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस ने कहा कि उसने सीसीटीवी फुटेज भी हासिल किया है जिससे अपराधियों का पता लगाने में मदद मिलेगी, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

First Published - October 12, 2023 | 7:51 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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