Budget 2026 से पहले SBI रिसर्च ने सरकार को पेंशन व्यवस्था को लेकर अहम सलाह दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को पेंशन सिस्टम में सुधार करना जरूरी है, ताकि ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके और बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा मजबूत हो। देश में कामकाजी लोगों की उम्र बढ़ रही है और बड़ी आबादी अब भी ऐसे कामों में लगी है, जहां पेंशन की कोई पक्की व्यवस्था नहीं है।
SBI रिसर्च के मुताबिक, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 1 अप्रैल 2025 से लागू यूनिफाइड पेंशन स्कीम को उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला है। करीब 24 लाख पात्र कर्मचारियों में से सिर्फ 1.2 लाख ने ही इस योजना को चुना है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि अगर इस योजना को राज्य सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के कर्मचारियों तक बढ़ाया जाए, तो पेंशन के दायरे में काफी विस्तार हो सकता है। इस योजना के तहत 25 साल की सेवा पूरी करने पर आखिरी साल की औसत सैलरी का 50 प्रतिशत पेंशन और महंगाई राहत मिलती है।
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रिपोर्ट में बच्चों के लिए शुरू की गई NPS वात्सल्य योजना का भी जिक्र किया गया है। सितंबर 2024 में शुरू हुई इस योजना में अगस्त 2025 तक करीब 1.3 लाख लोग जुड़े हैं। SBI रिसर्च का मानना है कि अगर इसमें टैक्स छूट बढ़ाई जाए, तो ज्यादा परिवार इस योजना को अपनाएंगे। इसके साथ ही रिपोर्ट में EPFO के कामकाज को तकनीक, पारदर्शिता और प्रशासन के मामले में NPS की तरह मजबूत बनाने की जरूरत बताई गई है। नौकरी बदलने पर पेंशन की रकम आसानी से ट्रांसफर हो सके, इसके लिए EPFO और NPS के बीच बेहतर तालमेल की सलाह दी गई है।
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SBI रिसर्च ने कहा है कि पेंशन और बीमा योजनाओं पर टैक्स नियम एक जैसे होने चाहिए, ताकि लोग सही योजना चुन सकें। निजी क्षेत्र में पेंशन का दायरा बढ़ाने के लिए बड़ी कंपनियों के लिए NPS में योगदान अनिवार्य करने का सुझाव भी दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बजट 2026-27 सरकार के लिए एक अहम मौका है, जिससे एक मजबूत और व्यापक पेंशन व्यवस्था बनाई जा सकती है।