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पाकिस्तान में अफगानों ने किया सीमा शुल्क अधिकारियों, पुलिस और रेंजर्स पर हमला

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि छापेमारी का सरकार की इस घोषणा से कोई लेना-देना नहीं है कि पाकिस्तान में अवैध रूप से रह रहे अफगानों को एक नवंबर तक घर लौटना होगा।

Last Updated- October 17, 2023 | 7:50 PM IST
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पाकिस्तान के कराची शहर में रह रहे अफगानों की भीड़ ने तस्करी की गईं वस्तुएं जब्त करने के लिए पहुंची सीमा शुल्क विभाग की एक टीम पर हमला कर दिया। घटना की एक वीडियो में डंडे लिए दर्जनों अफगानों को तारिक रोड पर सीमा शुल्क अधिकारियों और पुलिस तथा रेंजर्स के वाहनों के पीछे भागते हुए देखा जा सकता है, जो सोमवार को रात के समय छापेमारी करने की कोशिश कर रहे थे।

तारिक रोड कराची के सबसे व्यस्त वाणिज्यिक केंद्रों में से एक है और शॉपिंग मॉल एवं बाजारों में कपड़ों की कई दुकानें हैं, जिनके मालिक आम तौर पर अफगान हैं। ये अफगान अपने देश से भागने के बाद शहर में बस चुके हैं।

सीमा शुल्क विभाग के एक सूत्र ने घटना की पुष्टि की और कहा कि यह खुफिया जानकारी मिलने के बाद विभाग की एक टीम, पुलिस और रेंजर्स के साथ तारिक रोड पहुंची थी। उन्होंने बताया कि ऐसी सूचना मिली थी कि अफगान दुकान मालिक लाखों रुपये के तस्करी किए गए कपड़े बेच रहे हैं।

पाकिस्तान में कई अफगान शरणार्थियों ने कराची और देश के अन्य हिस्सों कारोबार जमाया है और इनमें से ज्यादातर कपड़े, कालीन, पर्दे और गलीचे का कारोबार करते हैं। कराची के लगभग सभी प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों और मॉल में उनकी दुकानें हैं या फिर उन्होंने किराए पर दुकानें ले रखी हैं।

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि छापेमारी का सरकार की इस घोषणा से कोई लेना-देना नहीं है कि पाकिस्तान में अवैध रूप से रह रहे अफगानों को एक नवंबर तक घर लौटना होगा या समय सीमा समाप्त होने के बाद जबरन अफगानिस्तान वापस भेज दिया जाएगा।

नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर एसएसपी रैंक के अधिकारी ने कहा, “यह पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच होने वाली तस्करी का मामला है और तस्करी का सामान कराची और अन्य शहरों के बड़े बाजारों में खुलेआम बेचा जाता है।”

First Published - October 17, 2023 | 7:50 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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