facebookmetapixel
Budget 2026: पढ़ाई से लेकर कमाई तक! बजट में स्टूडेंट्स के लिए 5 बड़ी घोषणाएं, जिससे बदलेगा भविष्यसरकारी खजाने में पैसा कहां से आया, गया कहां; ₹1 के कैलकुलेशन से समझें बजट का पूरा लेखा-जोखाBudget 2026: SGB पर नियम बदले, एक्सचेंज से खरीदे बॉन्ड पर टैक्स लगेगा; टैक्स-फ्री एग्जिट का रास्ता बंदकर्ज लेकर शेयर या म्युचुअल फंड में निवेश करते हैं? बजट में सरकार ने दे दिया बड़ा झटकाBudget 2026: कंटेंट क्रिएटर लैब्स, एनिमेशन से लेकर स्पोर्ट्स तक, इस बार में बजट में Gen Z के लिए क्या-क्या है?Budget 2026: बड़ी राहत! सीतारमण का ऐलान- मोटर एक्सीडेंट क्लेम के ब्याज पर अब नहीं लगेगा टैक्सBudget-Real Estate: बजट से रियल एस्टेट को तुरंत फायदा कम, लेकिन लंबी अव​धि में होगा लाभBudget 2026: बजट 2026 से बदलेगा भारत, वित्त मंत्री ने गिनाए बड़े फायदेBudget 2026: अमित शाह के मंत्रालय को दी गई बड़ी रकम, CRPF-BSF के लिए सरकार ने खोला खजानाBudget 2026: ₹17.2 लाख करोड़ का कर्ज, बजट ने बढ़ाई बॉन्ड बाजार की धड़कन

चुनाव से पहले महाराष्ट्र को 12,654 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात, PM मोदी ने 10 मेडिकल कॉलेजों की भी रखी नींव

प्रधानमंत्री ने भारतीय कौशल संस्थान (आईआईएस) का उद्घाटन किया इसका उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक और व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ उद्योग के लिए कुशल कार्यबल तैयार करना है।

Last Updated- October 09, 2024 | 5:02 PM IST
PM Modi

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महाराष्ट्र में 12,654 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी । इसमें नागपुर और शिरडी हवाई अड्डों पर कार्यों का भूमिपूजन और राज्य में नए 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया । इसके अलावा मुंबई में निर्मित भारतीय कौशल संस्थान और विद्या समीक्षा केंद्र महाराष्ट्र का उद्घाटन किया।

वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने नागपुर में डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की आधारशिला रखी। इस नए एकीकृत टर्मिनल भवन की अनुमानित लागत लगभग 7000 करोड़ रुपये है।

सभी आकार के विमानों के लिए उपयुक्त अलग-अलग संचालन के साथ दो समानांतर रनवे, मौजूदा रनवे का विस्तार और नए रनवे का निर्माण, सालाना 14 मिलियन यात्रियों को संभालने के लिए 3 लाख वर्ग फुट के नए टर्मिनल भवन का विकास, लगभग 9 लाख मीट्रिक टन की क्षमता वाला एक नया कार्गो कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा जिसमें एक समय में लगभग 100 विमानों को समायोजित करने के लिए पार्किंग बे का निर्माण किया जाएगा।

डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे नागपुर के उन्नयन की परियोजना विनिर्माण, विमानन, पर्यटन, रसद और स्वास्थ्य सेवा सहित कई क्षेत्रों में विकास के लिए उत्प्रेरक का काम करेगी, जिससे नागपुर शहर और व्यापक विदर्भ क्षेत्र को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री ने शिरडी हवाई अड्डे पर 645 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले जिस नए एकीकृत टर्मिनल भवन की आधारशिला रखी, उससे शिरडी आने वाले धार्मिक पर्यटकों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं और सुख-सुविधाएं मिलेंगी। प्रस्तावित टर्मिनल के निर्माण की थीम साईं बाबा के आध्यात्मिक नीम के पेड़ पर आधारित है। यात्री वहन क्षमता में वृद्धि और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। विस्तारित टर्मिनल भवन शिरडी में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार पैदा करेगा।

प्रधानमंत्री ने किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए जिन 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया , वह मुंबई, नासिक, जालना, अमरावती, गढ़चिरौली, बुलढाणा, वाशिम, भंडारा, हिंगोली और अंबरनाथ (ठाणे) में स्थित हैं।

इस परियोजना की लागत करीब 5000 करोड़ रुपये है। ये कॉलेज स्नातक और स्नातकोत्तर सीटों को बढ़ाने के साथ-साथ, लोगों को विशेष तृतीयक स्वास्थ्य सेवा भी प्रदान करेंगे। इन कॉलेजों में छात्रों के लिए एमबीबीएस पाठ्यक्रम की 900 सीटें बढ़ जाएंगी। इस निर्णय से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य देखभाल में काफी सुधार होगा।

प्रधानमंत्री ने भारतीय कौशल संस्थान (आईआईएस) का उद्घाटन किया इसका उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक और व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ उद्योग के लिए कुशल कार्यबल तैयार करना है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत स्थापित, यह टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट और भारत सरकार के बीच एक सहयोग है। संस्थान मेक्ट्रोनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा एनालिटिक्स, औद्योगिक स्वचालन और रोबोटिक्स जैसे अत्यधिक विशिष्ट क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करने की योजना बना रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) छात्रों, शिक्षकों और प्रशासकों को स्मार्ट उपस्थिति, स्वाध्याय जैसे लाइव चैटबॉट के माध्यम से महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक डेटा तक पहुंच प्रदान करेगा। यह स्कूलों को संसाधनों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने, अभिभावकों और राज्य के बीच संबंधों को मजबूत करने और उत्तरदायी सहायता प्रदान करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली जानकारियां प्रदान करेगा। यह शिक्षण के तौर तरीकों और छात्रों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए तैयार किए गए निर्देशात्मक संसाधन भी प्रदान करेगा।

First Published - October 9, 2024 | 5:02 PM IST

संबंधित पोस्ट