facebookmetapixel
स्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोर

Delhi: मेट्रो की संपत्ति, बैंक खातों को कुर्की से बचाने के लिए सरकार ने 2002 के कानून में बदलाव का प्रस्ताव रखा

Last Updated- March 29, 2023 | 10:43 AM IST
delhi metro

आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने मेट्रो रेल की किसी भी संपत्ति या बैंक खातों को कुर्क होने से बचाने के लिए मेट्रो रेल (संचालन एवं रखरखाव) अधिनियम, 2002 की एक धारा को संशोधित करने का प्रस्ताव रखा है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

यह कदम दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड (डीएएमईपीएल) और दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) से संबंधित मामले में उच्च न्यायालय के हालिया आदेश के मद्देनजर आया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 27 फरवरी को केंद्र से कहा था कि वह रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के स्वामित्व वाली डीएएमईपीएल को मध्यस्थता निर्णय के तहत बकाये के भुगतान को लेकर डीएमआरसी की चल और अचल संपत्ति कुर्क करने की मंजूरी देने के मुद्दे पर फैसला करे।

मार्च में मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जारी ज्ञापन में लिखा है, ‘‘मुझे यह निर्देश दिया गया है कि यह मंत्रालय मेट्रो रेल (संचालन और रखरखाव) अधिनियम 2002 (2002 का 60) की धारा 89 में संशोधन करने का प्रस्ताव रखता है।

अनुबंध-एक में इसकी पृष्ठभूमि की सूचना संलग्न है।’’ ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि ‘‘अनुरोध है कि इस कार्यालय ज्ञापन के जारी होने की तारीख से दो सप्ताह के भीतर मसौदा विधेयक के संबंध में जल्द से जल्द टिप्पणियां प्रदान करें।’’

First Published - March 29, 2023 | 10:43 AM IST

संबंधित पोस्ट