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Sin Tax! सिगरेट, तंबाकू, पान मसाला पर नया टैक्स, निर्मला सीतारमण ने पेश किया बिल; क्या है नया प्रस्ताव?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में दो विधेयक पेश किए। इनमें तंबाकू-तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क और पान मसाला बनाने पर नया उपकर लगाने का प्रस्ताव है।

Last Updated- December 01, 2025 | 1:50 PM IST
Nirmala Sitharaman
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में दो महत्त्वपूर्ण विधेयक पेश किए, जिनका मकसद तंबाकू और तंबाकू उत्पादों पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise Duty) और पान मसाला बनाने पर नया उपकर (Cess) लगाना है। ये दोनों टैक्स मौजूदा समय में लग रहे जीएसटी मुआवजा उपकर (GST Compensation Cess) की जगह लेंगे, जो जल्द समाप्त होने वाला है।

पहला विधेयक, केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025, सभी तंबाकू उत्पादों (सिगरेट, चूरा तंबाकू, सिगार, हुक्का, ज़र्दा और सुगंधित तंबाकू) पर लागू होगा। इसमें सरकार को भविष्य में इन सिन प्रोडक्ट्स (Sin Goods) पर टैक्स की दरें बढ़ाने का अधिकार भी होगा, ताकि GST मुआवजा सेस समाप्त होने के बाद भी टैक्स देनदारी बनी रहे।

दूसरा विधेयक, ‘हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025’, पान मसाला जैसी स्पे​शिफाइड वस्तुओं के निर्माण पर नया उपकर लगाने को लेकर है। सरकार आवश्यकता अनुसार अन्य उत्पाद भी इसमें शामिल कर सकती है। तंबाकू और पान मसाला जैसे सिन गुड्स पर अभी 28 फीसदी GST लगता है, साथ ही अलग-अलग रेट पर कम्पनसेशन सेस भी लगता है।

सिगरेट पर ₹5,000–₹11,000 प्रति 1,000 स्टिक शुल्क

केन्द्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक में सिगार/चेरूट/सिगरेट पर ₹5,000–₹11,000 प्रति 1,000 स्टिक उत्पाद शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, असंसाधित तंबाकू पर 60–70% और निकोटिन व इनहेलेशन उत्पादों पर 100% शुल्क प्रस्तावित है। फिलहाल सिगरेट पर 5% एड–वेलोरम के साथ ₹2,076–3,668 प्रति 1,000 स्टिक मुआवजा उपकर लगता है, जो लंबाई पर निर्भर करता है।

मुआवजा उपकर समाप्त होने के बाद, तंबाकू और संबंधित उत्पादों की बिक्री पर 40% GST + प्रस्तावित उत्पाद शुल्क, जबकि पान मसाला पर 40% GST + हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस लगेगा।

विधेयक में कहा गया है कि हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस लगाने का प्रस्ताव है ताकि प​ब्लिक हेल्थ और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों उद्देश्यों के लिए संसाधन जुटाने में कारगर हो।

TMC ने किया विरोध

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने इन दोनों विधेयकों को पेश किए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि तंबाकू हानिकारक है, लेकिन केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक में इसका उल्लेख नहीं है। हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025 के संदर्भ में रॉय ने कहा कि चूंकि उपकर की राशि राज्यों के साथ साझा नहीं की जाती, इसलिए वे इस विधेयक का विरोध करते हैं।

1 जुलाई 2017 को GST लागू किए जाने के समय, राज्यों के राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए 5 वर्ष यानी 30 जून 2022 तक मुआवजा उपकर की व्यवस्था की गई थी। मुआवजा उपकर की अवधि बाद में 4 वर्ष बढ़ाकर 31 मार्च 2026 तक कर दी गई, और संग्रहित राशि का उपयोग कोविड काल के दौरान राज्यों के GST राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र द्वारा लिए गए लोन को चुकाने के लिए किया जा रहा है। चूंकि यह लोन दिसंबर 2025 तक पूरी तरह चुकाया जाएगा, इसलिए मुआवजा उपकर समाप्त हो जाएगा।

3 सितंबर 2025 को GST काउंसिल ने फैसला लिया था कि तंबाकू और पान मसाला पर मुआवजा उपकर तब तक जारी रहेगा जब तक सभी लोन चुक नहीं जाते। अन्य लग्जरी वस्तुओं पर मुआवजा उपकर 22 सितंबर 2025 को समाप्त हो गया। GST टैक्स रेट केवल 5% और 18% की दो स्लैब रखी गईं। अल्ट्रा-लक्सरी वस्तुओं, एरेटेड ड्रिंक्स और अन्य ‘demerit goods’ के लिए 40% की दर तय की गई।

एजेंसी इनपुट के साथ

First Published - December 1, 2025 | 1:50 PM IST

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