facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

अमेरिका संग व्यापार वार्ता जल्द! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी यात्रा के दौरान कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

भारत द्वारा हाल में अमेरिकी उत्पादों बॉरबॉन, मोटरसाइकल, आईसीटी उत्पाद और धातु पर कम टैरिफ लगाया गया और इस फैसले का अमेरिका ने स्वागत किया है। 

Last Updated- February 14, 2025 | 11:12 PM IST
Modi-trump

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अगले 7-8 महीनों में पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को पूरा करने के लिए वार्ता शुरू करने पर आज सहमति व्यक्त की। यह बात अमेरिका द्वारा अप्रैल से व्यापार भागीदारों पर बराबरी का शुल्क लगाने की घोषणा किए जाने के कुछ घंटों बाद कही गई। समान शुल्क का सबसे अधिक प्रभाव भारत जैसे देशों पर पड़ सकता है।

ट्रंप ने कहा, ‘भारत जो भी शुल्क लगाता है, हम भी वही शुल्क को लगाते हैं। इसलिए यह हमारे लिए उतना मायने नहीं रखता कि वे क्या शुल्क लगाते हैं। मैंने पिछले कार्यकाल में भारत के साथ इस पर चर्चा की थी कि उनका शुल्क काफी अ​धिक था। हम इतना कहना चाहते हैं कि आप जो भी शुल्क लगाएंगे, हम भी वही लगाएंगे। यह अमेरिका के लोगों के लिए उचित है और मुझे लगता है कि यह भारत के लिए भी उचित है।’

व्हाइट हाउस ने एक फैक्टशीट में ब्राजील और यूरोपीय संघ के साथ-साथ भारत को भी उच्च शुल्क वाली अर्थव्यवस्था कहा है। उसमें दावा किया गया है कि अमेरिका कृ​षि उत्पादों के मामले में सबसे पसंदीदा देश (एमएफएन) पर औसतन 5 फीसदी शुल्क लगाता है, मगर भारत में औसत एमएफएन शुल्क 39 फीसदी है। उसमें कहा गया है कि भारत अमेरिकी मोटरसाइकल पर 100 फीसदी शुल्क लगाता है जबकि अमेरिका भारतीय मोटरसाइकल पर महज 2.4 फीसदी शुल्क लगाता है। भारत और अमेरिका ने 21वीं सदी के लिए एक नई पहल ‘यूएस-इंडिया कॉम्पैक्ट’ की शुरुआत पर सहमति जताई। 

भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार ‘मिशन 500’ के लिए एक नया लक्ष्य तय किया है और इसका लक्ष्य कुल द्विपक्षीय व्यापार को दोगुने से अधिक बढ़ाकर 2030 तक 500 अरब डॉलर करना है। दोनों नेताओं की बैठक के बाद वॉशिंगटन डीसी में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि दोनों पक्ष अगले 7 से 8 महीने में द्विपक्षीय व्यापार समझौते की वार्ता पूरी कर लेंगे। उन्होंने कहा, ‘शीर्ष स्तर से दोनों ही टीमों को ये निर्देश दिए गए हैं कि इस पर जल्द सक्रियता दिखाई जाए और जितनी जल्दी संभव हो, काम शुरू हो जाएगा।’

भारत द्वारा हाल में अमेरिकी उत्पादों बॉरबॉन, मोटरसाइकल, आईसीटी उत्पाद और धातु पर कम टैरिफ लगाया गया और इस फैसले का अमेरिका ने स्वागत किया है। 

First Published - February 14, 2025 | 10:57 PM IST

संबंधित पोस्ट