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सऊदी दौरे पर PM मोदी, प्रिंस सलमान से मुलाकात पर टिकी सबकी नजरें; ऊर्जा, व्यापार और कनेक्टिविटी पर हो सकती है बातचीत

सऊदी अरब की यात्रा से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रियाद स्थित अरब न्यूज के साथ बातचीत में कहा कि आईएमईसी '21वीं सदी का नया सिल्क रूट' बनने की क्षमता रखता है।

Last Updated- April 22, 2025 | 10:37 PM IST
Narendra Modi
प्रधानमंत्री मोदी सऊदी अरब की दो दिवसीय यात्रा पर हैं।

सऊदी अरब के प्रधानमंत्री और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) की आगे प्रगति पर चर्चा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को दो दिवसीय यात्रा पर सऊदी अरब पहुंचे। सूत्रों ने कहा कि द्विपक्षीय वार्ता में सब-सी केबलों के माध्यम से दोनों देशों के पावर ग्रिड को आपस में जोड़ने के प्रयासों को आगे बढ़ाना और ग्रीन हाइड्रोजन में ज्यादा सहयोग करना भी शामिल होगा। दोनों पक्षों के बीच अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, विज्ञान, संस्कृति और उन्नत तकनीक में कई समझौता ज्ञापनों  पर हस्ताक्षर किए जाने की भी उम्मीद है।

दिल्ली में सितंबर 2023 में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर लॉन्च किए गए आईएमईसी का उद्देश्य देशों के बीच मौजूदा नौवहन एवं सड़क परिवहन के साथ भरोसेमंद और किफायती शिप-टू-रेल ट्रांजिट नेटवर्क तैयार करना और भारत, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब, जॉर्डन, इजरायल और यूरोप के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को सक्षम बनाना है। एक अधिकारी ने कहा, ‘पिछले साल इस मामले में बहुत धीमी प्रगति हुई, क्योंकि उस समय चर्चा में शामिल कई देश अन्य महत्त्वपूर्ण मुद्दों में उलझे थे। लेकिन अब इस गलियारे के विकास के लिए बातचीत दोबारा आगे बढ़ रही है।’

सऊदी अरब की यात्रा से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रियाद स्थित अरब न्यूज के साथ बातचीत में कहा कि आईएमईसी ’21वीं सदी का नया सिल्क रूट’ बनने की क्षमता रखता है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के दौरे के दौरान भारत और यूरोपीय संघ ने फरवरी में गलियारे की पूरी क्षमता को साकार करने के प्रति प्रतिबद्धता जताई थी।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पिछले सप्ताह कहा था कि भारत और सऊदी अरब दोनों ही आईएमईसी के तहत क्षेत्रीय संपर्क, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा और डेटा सहयोग जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से नए अवसरों की तलाश कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच 2023 की शुरुआत में बिजली ग्रिड को जोड़ने के लिए हुए समझौते के आईएमईसी पहल का प्रमुख स्तंभ बनने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा था कि दोनों देशों के बीच स्वच्छ हाइड्रोजन पर भी एक समझौता हो सकता है। 

प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार की सुबह 2 दिन की यात्रा पर सऊदी अरब रवाना हुए हैं। यह 2016 और 2019 के बाद उनकी इस खाड़ी देश की तीसरी यात्रा है। वह स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप काउंसिल की दूसरी बैठक में भाग लेंगे। इसकी पहली बैठक दो साल पहले जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर नई दिल्ली में हुई थी।  सऊदी प्रिंस के साथ वार्ता में द्विपक्षीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति जैसे मुद्दे भी प्रधानमंत्री के एजेंडे में शामिल हैं। भारत सऊदी अरब का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार देश है, जबकि सऊदी भारत का 5वां सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है। वर्ष 2023-24 में कुल व्यापार लगभग 43 अरब डॉलर का रहा था, जिसमें से लगभग 31.42 अरब डॉलर का आयात शामिल था, जबकि निर्यात 11.56 अरब डॉलर का दर्ज किया गया था।

उस वर्ष भारत के कुल कच्चे तेल आयात में सऊदी अरब से आयात किए जाने वाले कच्चे तेल की हिस्सेदारी 14.3 प्रतिशत थी, जबकि सऊदी अरब भारत के लिए तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का तीसरा सबसे बड़ा स्रोत था। यह भारत को कुल एलपीजी शिपमेंट का लगभग 18 प्रतिशत था। भारतीय आयातकों ने ऐतिहासिक रूप से सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों से क्रूड ऑयल का आयात किया है। नई दिल्ली अपनी ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए क्षेत्र के देशों के साथ आगे स्ट्रैटेजिक संबंध स्थापित करने के लिए उत्सुक है। 

First Published - April 22, 2025 | 10:19 PM IST

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