facebookmetapixel
Advertisement
SIF बना रॉकेट: जून में निवेश 171% उछला, हाइब्रिड स्ट्रैटेजीज की AUM में 72% हिस्सेदारीUS-Iran तनाव व कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी इस हफ्ते बाजार की चाल, निवेशक इन ट्रिगर्स पर रखें नजरUP के 3 प्रोडक्ट्स को मिला नया GI टैग, मथुरा की कंठी माला और अलीगढ़ के मेटल स्टैच्यू शामिलनई ग्रामीण रोजगार नीति ‘वीबी-जी राम जी’ से बढ़ी राज्यों की चिंता, संकट के समय वित्तीय मदद में आ सकती है कमीMCap: बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच HDFC Bank व Airtel की चमकी किस्मत, हिंदुस्तान यूनिलीवर को झटकाEPFO का कंपनियों को बड़ा मौका, बिना सरकारी मंजूरी वाले PF ट्रस्ट को वैलिड करने के लिए आई नई योजनाकतर को दुनिया का सबसे अमीर देश बनाने वाले शेख हमद बिन खलीफा का निधन, तख्तापलट कर संभाली थी सत्ताविदेशी निवेशकों का भारतीय शेयर बाजार में लौटा भरोसा, जुलाई में अब तक खरीदे ₹15,157 करोड़ के स्टॉक्सबदल रहा है चीन और अमेरिका का कूटनीतिक दबदबा, क्या इंडो-पैसिफिक का खेल पलट देगा भारत?IMD Weather Alert: उत्तराखंड से लेकर बिहार तक भारी बारिश का अलर्ट, लेकिन दिल्ली वालों को नसीब नहीं

RBI ने रखा CBDC-Retail में रोजाना 10 लाख लेन-देन का लक्ष्य

Advertisement

RBI के अधिकारी ने कहा, ‘भारतीय रिजर्व बैंक CBDC या ई-रुपये के इस्तेमाल को थोक लेन-देन की व्यापक सीमा में करने पर विचार कर रहा है

Last Updated- September 05, 2023 | 9:58 PM IST
RBI

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने दिसंबर के अंत तक ई-रुपये के खुदरा क्षेत्र में लेन-देन की संख्या बढ़ाकर 10 लाख प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा है, जो जुलाई में 20,000 से 25,000 रही है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि रिजर्व बैंक प्रायोगिक तौर पर संचालित केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) के थोक इस्तेमाल का अंतरबैंक उधारी या कॉल मनी मार्केट में टोकन के तौर पर विस्तार देने की योजना बना रहा है।

रिजर्व बैंक के अधिकारी ने कहा, ‘भारतीय रिजर्व बैंक सीबीडीसी या ई-रुपये के इस्तेमाल को थोक लेन-देन की व्यापक सीमा में करने पर विचार कर रहा है। हम सीबीडीसी टोकन का इस्तेमाल कॉल मनी मार्केट के लिए करने पर विचार कर रहे हैं।’

अधिकारी ने कहा कि सीबीडीसी प्रायोगिक परियोजना को बंद करने की तिथि अभी तय नहीं की गई है क्योंकि बैंक जमा और मौद्रिक नीति पर डिजिटल मुद्रा के पड़ने वाले असर को पूरी तरह समझने की जरूरत है।

आरबीआई ने 1 नवंबर, 2022 को सीबीडीसी के थोक इस्तेमाल का प्रायोगिक परीक्षण शुरू किया था। हालांकि, इस डिजिटल मुद्रा का इस्तेमाल सिर्फ सरकारी प्रतिभूतियों में शेयर लेनदेन के निपटान तक ही सीमित था। आरबीआई के अधिकारी ने कहा, ‘केंद्रीय बैंक अब अंतर-बैंक ऋण बाजार में कदम रखने की योजना बना रहा है। थोक सीबीडीसी का मकसद विभिन्न प्रौद्योगिकियों को आजमाने का रहा है।’

स्वदेशी भुगतान प्रणाली ‘रुपे’ के बारे में उन्होंने कहा कि इसे बढ़ावा देने के बारे में कोई भी निर्देश नहीं दिया गया है। रुपे को आकर्षक बनाकर लोकप्रिय बनाया जा सकता है। सूत्रों ने डिजिटल मुद्रा पायलट परियोजना की समाप्ति के बारे में पूछे जाने पर कहा कि इसके लिए कोई समयसीमा नहीं तय की गई है।

Advertisement
First Published - September 5, 2023 | 9:58 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement