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GST राहत से इंश्योरेंस पॉलिसियों की खरीद टाल सकते हैं ग्राहक, बिक्री में अस्थायी गिरावट संभव

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इस सप्ताह की शुरुआत में जीएसटी परिषद ने सभी व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा कंपनियों (फैमिली फ्लोटर और वरिष्ठ नागरिकों की पॉलिसियों सहित) को जीएसटी से छूट दे दी है।

Last Updated- September 05, 2025 | 9:48 AM IST
LIC Jeevan Arogya Scheme

व्यक्तिगत और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को जीएसटी से छूट की घोषणा के बाद नए ग्राहकों के 22 सितंबर, 2025 तक खरीद को लंबित करने के आसार हैं। इनकी बिक्री में बदले हुए नियम लागू होने के बाद उछाल आने की आस है।

बीमा अधिकारी ने बताया, ‘हम स्वास्थ्य बीमा को अधिक किफायती होते हुए देखेंगे। लिहाजा उचित वृद्धि होगी। हम 22 सितंबर, 2025 तक बीमा पॉलिसियों की खरीद में उछाल की उम्मीद नहीं करते हैं लेकिन इस अवधि के बाद पॉलिसियों की बिक्री में उछाल की उम्मीद करते हैं। उपभोक्ताओं के बीमा खरीदने के लंबित करने की उम्मीद है और तब तक खरीद की सुस्त अवधि रहेगी।’

इस सप्ताह की शुरुआत में जीएसटी परिषद ने सभी व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा कंपनियों (फैमिली फ्लोटर और वरिष्ठ नागरिकों की पॉलिसियों सहित) को जीएसटी से छूट दे दी है। पुनर्बीमा लोगों के लिए बीमा को किफायती बनाएगा और देश में बीमा कवर का दायरा बढ़ेगा। व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा के प्रीमियम पर जीएसटी 18 प्रतिशत (पहले इनपुट टेक्स क्रेडिट) से घटाकर शून्य करने से ग्राहक कम प्रीमियम से लाभान्वित होंगे।

सामान्य बीमा कंपनी के अधिकारी ने बताया, ‘लोग समझने और बीमा पॉलिसियों को खरीदने के लिए कुछ समय लेंगे लेकिन जब वे समझ जाएंगे तो हम अधिक खरीदारों, वरिष्ठ नागरिकों से बीमा पॉलिसियां खरीदने की उम्मीद करते हैं। अधिक पॉलिसियों की बिक्री होने से संचालन की लागत भी कम आने की उम्मीद है।’ हालांकि इनपुट टैक्स क्रेडिट वापस लेने से ग्राहकों को जीएसटी छूट का पूरा फायदा बाधित होने की उम्मीद है। इन लागतों को वहन करने से शुद्ध प्रीमियम पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।

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First Published - September 5, 2025 | 9:48 AM IST

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