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FY26 में पंजाब नैशनल बैंक का 4 लाख करोड़ रुपये कॉरपोरेट ऋण बुक हासिल करने का लक्ष्य: अशोक चंद्रा

वित्त वर्ष 2026 में PNB की कॉरपोरेट और खुदरा ऋण पोर्टफोलियो में वृद्धि, डिजिटल बैंकिंग विस्तार, रिकवरी और विदेशी निवेश में मजबूती हासिल की: अशोक चंद्रा

Last Updated- October 23, 2025 | 9:45 PM IST
Ashok Chandra, Managing Director and Chief Executive Officer, Punjab National Bank (PNB)
पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी अशोक चंद्रा

वाहन और आवास क्षेत्र में मजबूत मांग के चलते पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) को रिटेल, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) और कॉरपोरेट ऋण सेगमेंट में मजबूत गति देखने को मिल रही है। बैंक डिजिटल पेशकश का विस्तार कर रहा है, क्रेडिट कार्ड का आधार बढ़ा रहा है। बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी अशोक चंद्रा ने नई दिल्ली में हर्ष कुमार से बात की। संपादित अंश:

जीएसटी दरें घटने के बाद खुदरा ऋण क्षेत्र का प्रदर्शन कैसा है?

हम इसमें मजबूती देख रहे हैं। खासकर वाहन क्षेत्र हमारे बिजनेस लोन पोर्टफोलियो में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पिछले साल दुर्गा पूजा से इस साल दीपावली तक इस सेग्मेंट में करीब 40 प्रतिशत वृद्धि हुई है। आवास ऋण में लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हाल में जीएसटी दरों में हुई कटौती के बाद हमें खुदरा ऋण को गति मिलने की उम्मीद है।

एमएसएमई क्षेत्र में वृद्धि को आप किस तरह देखते हैं?

हमसे एमएसएमई ऋण लेने वालों पर अमेरिकी शुल्क का अब तक कोई बड़ा असर नजर नहीं आ रहा है। हमें इस क्षेत्र में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है। अमेरिकी बाजार को हमारा कुल निर्यात करीब 4,400 करोड़ रुपये है, जो कुल एमएसएमई कारोबार में बहुत ज्यादा नहीं है और इनमें से किसी के खाते पर कोई दबाव नहीं है। हम अपने एमएसएमई  ग्राहकों के नियमित संपर्क में हैं। बहरहाल दूसरी तिमाही में कृषि क्षेत्र में हमने 13 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है, जिसमें स्वयं सहायता समूह(एसएचजी) पर विशेष ध्यान था।असुरक्षित ऋण पर क्या रुख है?

हमारे असुरक्षित ऋण पोर्टफोलियो में व्यक्तिगत ऋण, शिक्षा ऋण और क्रेडिट कार्ड शामिल हैं। व्यक्तिगत ऋण केवल वेतनभोगी व्यक्तियों को दिए जाते हैं। वहीं 7.5 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण क्रेडिट गारंटी योजना के अंतर्गत है।  डिजिटल बदलाव के तहत हम क्रेडिट कार्ड व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

एनआरआई जमा और विदेशी पोर्टफोलियो पर बैंक कैसे काम कर रहा है?

भारतीय रिजर्व बैंक से दुबई में अपना कार्यालय फिर से खोलने की मंजूरी मिल गई है, जिसे 2018 में बंद कर दिया गया था। दुबई हमारे पश्चिम एशिया में कारोबार के लिए महत्त्वपूर्ण केंद्र है। इसमें सभी 7 अमीरात शामिल हैं। हम परिचालन संबंधी मंजूरी के लिए अगले ढाई महीनों में संयुक्त अरब अमीरात के सेंट्रल बैंक में आवेदन करेंगे। इस सेगमेंट में अपार संभावनाएं हैं। हमारा गिफ्ट सिटी का कामकाज भी बेहतर है। लंदन में हमारी 100 प्रतिशत सहायक कंपनी अच्छा बिजनेस जारी रखे हुए है। कुल मिलाकर हम अपने विदेशी पोर्टफोलियो में 15-16 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।

इस साल रिकवरी को लेकर क्या उम्मीदें हैं?

हमने दूसरी तिमाही के दौरान करीब 3,900 करोड़ रुपये की रिकवरी की है। वित्त वर्ष 2026 के लिए हमारा रिकवरी का लक्ष्य लगभग 16,000 करोड़ रुपये है। हमें तीसरी तिमाही में ही लगभग 4,500 करोड़ रुपये रिकवरी की उम्मीद है। उम्मीद है कि हम सालाना लक्ष्य पार कर जाएंगे। हमने वित्त वर्ष 2026 में लगभग 11 से 12 प्रतिशत की कुल ऋण वृद्धि का लक्ष्य रखा है।

कॉरपोरेट ऋण बुक को लेकर क्या दृष्टिकोण है?

वर्तमान में हमारे पास लगभग 1.48 लाख करोड़ रुपये के नए प्रस्ताव हैं। वित्त वर्ष 2025 में हमने 2.68 लाख करोड़ रुपये जारी किए हैं।  वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में कॉरपोरेट ऋण पोर्टफोलियो में 2.81 लाख करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया है। वित्त वर्ष 2026 में यह 4 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचने की उम्मीद है।

उपभोक्ताओं की शिकायत के समाधान में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

मुख्यालय में हमने केंद्रीय प्रबंधन वाले क्यूआर पर आधारित समीक्षा व्यवस्था शुरू की है। इसे बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। जमीनी रिपोर्ट के लिए मैं कर्मचारियों के साथ परिचर्चा का आयोजन करता हूं।

First Published - October 23, 2025 | 9:21 PM IST

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