वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान से इस बात की चिंता बढ़ गई है कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की हिट लिस्ट में और कौन हो सकता है। अमेरिका ने 3 जनवरी को वेनेजुएला की राजधानी कैरेक्स में बड़ा सैन्य अभियान चलाया और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को भी गिरफ्तार किया। यह कदम अमेरिका द्वारा मादुरो पर नार्को-टेररिज्म और कोकीन तस्करी जैसे गंभीर आरोपों के कारण उठाया गया है।
ट्रंप प्रशासन ने कहा कि यह कार्रवाई मादुरो को नार्को-टेररिज्म और कोकीन इम्पोर्ट करने की साजिश सहित कई आरोपों में गिरफ्तार करने के लिए एक कानून लागू कराने का मिशन था। यह ऑपरेशन महीनों से बढ़ते तनाव के बाद हुआ, जिसके दौरान अमेरिकी सेना ने सितंबर 2025 से 30 से ज्यादा संदिग्ध ड्रग-स्मगलिंग जहाजों को डुबो दिया। हालांकि, ट्रंप ने पहले कहा था कि अमेरिका ट्रांजिशन के दौरान “देश चलाएगा”, लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बाद में कहा कि वाशिंगटन का वेनेजुएला पर सीधे शासन करने का कोई प्लान नहीं है।
वेनेजुएला के बाद, ट्रंप ने दूसरे देशों में संभावित अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप का संकेत दिया है। यहां उन देशों की सूची दी गई है जो अमेरिका से बढ़ते दबाव का सामना कर रहे हैं।
ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि ग्रीनलैंड अमेरिका की “राष्ट्रीय सुरक्षा” के लिए बहुत जरूरी है। वेनेजुएला पर हमले के बाद ट्रंप ने रविवार को फिर कहा कि अमेरिका को ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहिए। ग्रीनलैंड खनिज संसाधनों से भरपूर है।
एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “यह इस समय बहुत रणनीतिक है। ग्रीनलैंड के आसपास हर जगह रूसी और चीनी जहाज मौजूद हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से हमें ग्रीनलैंड चाहिए और डेनमार्क इसे संभाल नहीं पाएगा।” डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए कहा कि ट्रंप को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सुरक्षा समझौतों के तहत डेनमार्क पहले ही अमेरिका को ग्रीनलैंड तक व्यापक पहुंच देता है।
वेनेजुएला का करीबी सहयोगी क्यूबा भी अब तनाव की चपेट में है। ट्रंप ने कहा है कि मादुरो के हटने के बाद क्यूबा की अर्थव्यवस्था और खराब हो जाएगी, क्योंकि वेनेजुएला क्यूबा को सस्ता तेल देता था।
ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि यह खुद ही गिर जाएगा। मुझे नहीं लगता कि हमें कोई कार्रवाई करने की जरूरत है। ऐसा लग रहा है कि अब यह खत्म होने वाला है। अमेरिका पहले से ही क्यूबा पर कई प्रतिबंध लगा चुका है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, क्यूबा के अधिकारियों ने वेनेजुएला के समर्थन में रैलियां निकालीं और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने चेतावनी दी कि “यह खतरा हम सब पर मंडरा रहा है।”
1959 की क्यूबा क्रांति के बाद से अमेरिका और क्यूबा के रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं। अमेरिकी नेता मार्को रुबियो, जो क्यूबा से आए प्रवासियों के बेटे हैं, ने कहा कि मादुरो की गिरफ्तारी से पहले क्यूबा के अधिकारी उनके साथ मौजूद थे। रुबियो ने कहा, “मादुरो की सुरक्षा क्यूबाई लोग कर रहे थे। उसकी सुरक्षा वेनेजुएला के नहीं, बल्कि क्यूबा के अंगरक्षक कर रहे थे।”
ट्रंप ने कोलंबिया के खिलाफ भी सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने ड्रग तस्करी को लेकर कोलंबिया के नेतृत्व की कड़ी आलोचना की। एयर फोर्स वन में बोलते हुए ट्रंप ने कोलंबिया सरकार पर कोकीन व्यापार से जुड़े होने का आरोप लगाया। यह टिप्पणी कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो की ओर इशारा मानी जा रही है।
ट्रंप ने कहा, “कोलंबिया बहुत बीमार देश है। वहां एक बीमार आदमी शासन कर रहा है, जिसे कोकीन बनाना और अमेरिका में बेचना पसंद है। वह ज्यादा समय तक ऐसा नहीं कर पाएगा।” जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका सैन्य कार्रवाई पर विचार करेगा, तो ट्रंप ने जवाब दिया, “मुझे तो यह अच्छा लग रहा है।”
ट्रंप ने मेक्सिको को भी अमेरिका में ड्रग्स की सप्लाई को लेकर चेतावनी दी है। रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि मेक्सिको को अपनी व्यवस्था ठीक करनी होगी, क्योंकि वहां से ड्रग्स लगातार अमेरिका आ रही हैं और हमें कुछ करना पड़ेगा। हम चाहते हैं कि मेक्सिको खुद इसे रोके। वे ऐसा कर सकते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से… मेक्सिको को ड्रग कार्टेल चला रहे हैं।