facebookmetapixel
Advertisement
SEBI कसेगा शिकंजा! PMS नियमों की होगी बड़ी समीक्षा, जून 2026 तक जारी कर सकता है कंसल्टेशन पेपरचीन में प्राइवेट इक्विटी कंपनियों को निवेश से बाहर निकलने में क्यों हो रही है मुश्किल?Nippon India MF ने उतारा नया डेट फंड, ₹1,000 से निवेश शुरू; किसे लगाना चाहिए पैसा?टाटा बोर्ड मीटिंग से पहले बाजार में सरगर्मी, इन 6 शेयरों में एक्सपर्ट्स ने बताए टारगेट और स्टॉप लॉसDA Hike 2026: क्या होली से पहले बढ़ेगा महंगाई भत्ता? पिछले 5 साल के ट्रेंड्स दे रहे बड़ा संकेतAditya Birla Sun Life MF ने उतारा नया ETF, ₹500 से टॉप-10 प्राइवेट और सरकारी बैंकों में निवेश का मौकाफिर से सोना-चांदी में जोरदार तेजी, एक्सपर्ट बता रहे क्यों निवेशक इन मेटल में लगा रहे पैसाUltra luxury housing-Gurugram: मुंबई को पीछे छोड़ गुरुग्राम ने रचा हाई-एंड हाउसिंग में इतिहासबैंक जाने का झंझट खत्म! कैसे BC Sakhi कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग पहुंच बढ़ाने में कैसे मदद कर रहा हैFASTag के बाद अब GPS से कटेगा टोल, 1 अप्रैल से बड़ा बदलाव! क्या आपकी लोकेशन होगी ट्रैक?

2025 में UPI ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, लेनदेन में 30% से ज्यादा उछाल

Advertisement

NPCI द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार यूपीआई के माध्यम से दिसंबर में 21.63 अरब लेन-देन हुए, जिनका मूल्य 27.97 लाख करोड़ रुपये था।

Last Updated- January 02, 2026 | 8:46 AM IST
UPI
Representational Image

भारत के प्रमुख डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई)) के लिए 2025 शानदार रहा और मूल्य व संख्या के आधार पर लेनदेन का नया रिकॉर्ड बना।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार यूपीआई के माध्यम से दिसंबर में 21.63 अरब लेन-देन हुए, जिनका मूल्य 27.97 लाख करोड़ रुपये था। लेन देन की संख्या और मूल्य के हिसाब पर सालाना आधार पर क्रमशः 29 प्रतिशत और 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं पिछले महीने की तुलना में संख्या के आधार पर 5.66 प्रतिशत और मूल्य के आधार पर 6.26 प्रतिशत वृद्धि हुई। त्योहारों के सीजन के खर्च के कारण यूपीआई से लेनदेन अक्टूबर में 20.7 अरब पर पहुंच गया, जिसका मूल्य 27.28 लाख करोड़ रुपये था।

त्योहारों की मांग कम होने के कारण नवंबर में लेनदेन की संख्या और मूल्य में कमी आई, लेकिन छुट्टियों के सीजन में खर्च के कारण दिसंबर में इसमें फिर से उछाल आया। कैलेंडर वर्ष 2025 में यूपीआई के माध्यम से 300 लाख करोड़ रुपये के 228 अरब से अधिक लेनदेन हुए, जो 2024 की तुलना में संख्या के हिसाब से 32.5 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 21 प्रतिशत अधिक है।

2024 में यूपीआई से 246.8 लाख करोड़ रुपये के 172.2 अरब लेनदेन हुआ, और 2023 में यूपीआई से 182.9 लाख करोड़ रुपये के 117.6 अरब लेनदेन हुए थे। संख्या और मूल्य के हिसाब से यूपीआई से लेनदेन में जोरदार वृद्धि जारी है। वहीं मौजूदा उपयोगकर्ताओं से आगे बढ़ाना एक चुनौती है।

Advertisement
First Published - January 2, 2026 | 8:46 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement