facebookmetapixel
Advertisement
तेल संकट के बीच सरकार का बड़ा दावा! 4 साल से नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दामMSCI Index में बड़ा फेरबदल! Adani Energy और MCX की एंट्री, RVNL बाहरAirtel Q4 Results: मुनाफे में 33.5% की भारी गिरावट, ₹7,325 करोड़ पर आया नेट प्रॉफिटDA Hike: सरकार का बड़ा तोहफा! रेलवे कर्मचारियों और पेंशनर्स का DA बढ़ा, सैलरी में होगा सीधा असरस्मार्ट लाइटिंग से चमकेगा भारत! 2031 तक 24 अरब डॉलर पार करेगा स्मार्ट होम मार्केटकैबिनेट का बड़ा फैसला, नागपुर एयरपोर्ट बनेगा वर्ल्ड क्लास हब; यात्रियों को मिलेंगी नई सुविधाएंKharif MSP 2026: खरीफ फसलों की MSP में इजाफा, धान का समर्थन मूल्य ₹72 बढ़ाFMCG कंपनियों में निवेश का मौका, DSP म्युचुअल फंड के नए ETF की पूरी डीटेलUS-Iran War: चीन यात्रा से पहले ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, बोले- ‘डील करो वरना तबाही तय’Cabinet decisions: कोयले से गैस बनाएगी सरकार! ₹37,500 करोड़ की स्कीम से बदल सकती है देश की ऊर्जा तस्वीर

Revised ITR की डेडलाइन निकल गई: AY 2025-26 में अब भी इन तरीकों से मिल सकता है रिफंड

Advertisement

रिवाइज्ड ITR की डेडलाइन निकलने के बाद भी कुछ शर्तों के साथ इनकम टैक्स रिफंड मिल सकता है और सेक्शन 154 की मदद से कुछ गलतियां सुधारी जा सकती हैं

Last Updated- January 05, 2026 | 3:40 PM IST
Income Tax Refund
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्त छोटी-सी गलती भी कई बार बड़ी टेंशन बन जाती है। किसी ने डिडक्शन मिस कर दिया, तो किसी ने आय का गलत आंकड़ा भर दिया। ऊपर से जब पता चलता है कि रिवाइज्ड ITR फाइल करने की आखिरी तारीख निकल चुकी है, तो लगता है अब रिफंड का पैसा गया हाथ से। लेकिन हकीकत इतनी डरावनी नहीं है।

असेसमेंट ईयर (AY) 2025-26 के लिए 31 दिसंबर 2025 की डेडलाइन जरूर खत्म हो चुकी है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि अब आपके पास कोई रास्ता नहीं बचा। इनकम टैक्स सिस्टम में कुछ ऐसे विकल्प हैं, जिनके जरिए सही मामलों में रिफंड अब भी मिल सकता है। बस जरूरत है सही जानकारी और थोड़ा धैर्य रखने की।

इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अहम बात ये है कि घबराने की बजाय यह समझा जाए कि कौन-सा विकल्प कब काम आता है और अगला कदम क्या होना चाहिए। अगर रिटर्न फाइल हो चुका है, ई-वेरिफिकेशन पूरा है और रिफंड ड्यू है, तो सिस्टम अपना काम करता है। 

रिवाइज्ड ITR की डेडलाइन मिस होने से क्या फर्क पड़ता है?

रिवाइज्ड ITR फाइल करने की विंडो बंद होने का मतलब ये है कि अगर आपने पहले फाइल किए रिटर्न में कोई छोटी-मोटी गलती की थी, जैसे इनकम का गलत फिगर या डिडक्शन का मिस होना, तो अब उसे सीधे ठीक नहीं कर सकते। ये डेडलाइन हर साल 31 दिसंबर तक होती है, और इस बार असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए ये बंद हो गई। लेकिन अच्छी खबर ये है कि अगर आपका ITR पहले से ही फाइल हो चुका है और प्रोसेसिंग हो रही है, तो रिफंड रुकता नहीं है।

डिपार्टमेंट के मुताबिक, अगर ITR 31 दिसंबर 2025 तक प्रोसेस नहीं हुआ, तो भी रिफंड मिलेगा, और कुछ मामलों में उस पर ब्याज भी मिलेगा। कई टैक्सपेयर्स को लगता है कि डेडलाइन मिस होने से रिफंड अटक जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आपका रिटर्न सही है और ई-वेरिफाई हो चुका है, तो प्रोसेसिंग शुरू हो जाती है, और रिफंड आमतौर पर 4 से 6 हफ्तों में बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो जाता है। बस, धैर्य रखें और अपना स्टेटस चेक करते रहें। अगर ITR में कोई डिफेक्ट है, जैसे सेक्शन 139(9) के तहत अधूरा या गलत जानकारी के साथ जमा हुआ रिटर्न, तो उसे ठीक करने का मौका मिल सकता है।

Also Read: नया इनकम टैक्स कानून कब से लागू होगा? CBDT ने बताई तारीख, अधिकारियों से तैयार रहने को कहा

अब रिफंड क्लेम करने के लिए क्या ऑप्शन बचे हैं?

अगर रिवाइज्ड विंडो बंद होने के बाद भी ITR में कोई गलती नजर आती है, तो सेक्शन 154 के तहत ‘रेक्टिफिकेशन’ के लिए आवेदन कर सकते हैं। यानि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से ITR प्रोसेस होने के बाद जो स्पष्ट (clear) गलती रह गई हो, उसे ऑनलाइन ठीक कर सकते हैं। ये ऑप्शन तब काम आता है जब रिटर्न प्रोसेस हो चुका हो और इंटिमेशन (टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से भेजी गई आधिकारिक जानकारी) मिल चुका हो।

मतलब, अगर प्रोसेसिंग के बाद कोई गलती पकड़ी जाती है, तो आप ‘रेक्टिफिकेशन’ फाइल करके उसे सुधार सकते हैं, और रिफंड क्लेम कर सकते हैं। ये रिवाइज्ड ITR से अलग है, क्योंकि ये सिर्फ स्पष्ट गलती के लिए है, जैसे कैलकुलेशन की गलती या गलत डेटा। ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करके सर्विसेज सेक्शन में जाकर रेक्टिफिकेशन चुनें, रिलेवेंट असेसमेंट ईयर सिलेक्ट करें, और गलती की वजह बताएं। अगर रिफंड अभी तक नहीं मिला, तो रिफंड री-इश्यू के लिए अप्लाई करें, जहां प्री-वैलिडेटेड बैंक अकाउंट डिटेल्स दें।

याद रखें, अगर ITR डिफेक्टिव है, तो उसे ठीक करने का नोटिस मिल सकता है। कई टैक्सपेयर्स को ये पता नहीं होता कि डेडलाइन के बाद भी रिफंड प्रोसेस होता रहता है, और इंटिमेशन जनरेट होने पर ही आगे का स्टेप लें। अगर आपका रिटर्न बेलेटेड था, लेकिन अब कोई बदलाव नहीं कर सकते, तो बस वेट करें, रिफंड ड्यू है तो आएगा ही।

रिफंड स्टेटस चेक करने का आसान तरीका क्या है?

रिफंड का इंतजार करते हुए सबसे जरूरी है कि स्टेटस ट्रैक करें। इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर रिफंड स्टेटस चेक कर सकते हैं। लॉगिन करने के बाद, रिफंड स्टेटस ऑप्शन चुनें, और PAN, असेसमेंट ईयर डालें। अगर रिफंड प्रोसेस हो रहा है, तो मैसेज आएगा जैसे ‘रिफंड इश्यूड’ या ‘प्रोसेसिंग अंडर वे’। अगर डिले है, तो इंटिमेशन का इंतजार करें, जो ईमेल या पोर्टल पर आता है।

टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, रिफंड प्रोसेसिंग रिटर्न ई-वेरिफाई होने के बाद शुरू होती है। अगर रिफंड रिस्क पर लगता है, तो चेक करें कि ITR प्रोसेस हुआ या नहीं। अगर नहीं, तो भी रिफंड मिलेगा, क्योंकि 31 दिसंबर 2025 तक प्रोसेस न होने से रिफंड रुकता नहीं है। पोर्टल पर ट्रैकिंग से पता चलता है कि अगर रिफंड ड्यू है, तो इंटरेस्ट के साथ आएगा। कई बार बैंक डिटेल्स गलत होने से रिफंड फेल हो जाता है, तो उसे अपडेट करें। अगर कोई इश्यू है, तो हेल्पडेस्क से बात करें, लेकिन ज्यादातर केस में ऑनलाइन ही सॉल्व हो जाता है। ये स्टेप फॉलो करके आप अपना पैसा आसानी से ट्रैक कर सकते हैं, और जरूरत पड़ने पर रेक्टिफिकेशन से क्लेम करें।

Advertisement
First Published - January 5, 2026 | 3:40 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement