आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने वित्त वर्ष 26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (तीसरी तिमाही) में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत के साथ 390 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की। यह वृद्धि मुख्य तौर पर मजबूत निवेश आय से हुई जबकि प्रीमियम आय की वृद्धि सुस्त रही। बीमाकर्ता की शुद्ध निवेश आय इस तिमाही में बीते साल की अवधि की तुलना में 7905.93 करोड़ रुपये के नुकसान के मुकाबले 10,745.64 करोड़ रुपये रही।
बीमाकर्ता का वार्षिक प्रीमियम समतुल्य (एपीई) सालाना 3.57 प्रतिशत के साथ 2,525 करोड़ रुपये हो गया। एपीई वार्षिक प्रथम-वर्ष के नियमित प्रीमियम और 10 प्रतिशत भारित एकल प्रीमियम का योग है। जीवन बीमाकर्ता की शुद्ध प्रीमियम आय मामूली रूप से घटकर 11,809.26 करोड़ रुपये हो गई जो पहले 12,261.4 करोड़ रुपये थी। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के एमडी व सीईओ अनूप बागची ने कहा कि व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों को दी गई हालिया माल एवं सेवा कर (जीएसटी) छूट ने खुदरा सुरक्षा खंड में वृद्धि को बढ़ावा दिया है, जिससे तिमाही के दौरान बीमाकर्ता की खुदरा बीमा राशि में वृद्धि हुई है।
सामान्य बीमा की सबसे बड़ी निजी कंपनी आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (तीसरी तिमाही) में सालाना आधार पर 9.04 प्रतिशत गिरकर 658.88 करोड़ रुपये हो गया। इसका शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में 724.38 करोड़ रुपये था। शुद्ध लाभ गिरना का मुख्य कारण व्यय बढ़ना है।
इस तिमाही में बीमाकर्ता का खर्च सालाना आधार पर 16.19 प्रतिशत बढ़कर 6,039.06 करोड़ रुपये हो गया जबकि बीमाकर्ता का कमीशन सालाना आधार पर 15.5 प्रतिशत बढ़कर 1,343.1 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा भारत सरकार की नई श्रम संहिताओं के कारण बीमा कंपनी का 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही में ‘इस तिमाही और नौ महीनों की पुरानी सेवाओं’ के तहत सकल गैच्युटी खर्च 53.06 करोड़ रुपये रहा। इससे कंपनी का लाभ घटा और ग्रैच्युटी पर खर्च बढ़ा।’ 31 दिसंबर, 2025 तक, ग्रेच्युटी दायित्व के संबंध में अनिर्धारित पिछली सेवा लागत 16.93 करोड़ रुपये है।