IT Stocks: आईटी कंपनियों का कहना है कि ग्राहकों के गैर-जरूरी खर्च पर अब भी दबाव बना हुआ है। इसके चलते वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में मांग का माहौल अनिश्चित रहा। इस स्थिति में आईटी कंपनियों को साल की दूसरी छमाही में वृद्धि को रफ्तार देने के लिए लागत में कटौती और कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान देना पड़ रहा है।
आईटी कंपनियों की इस कमेंट्री के बीच ब्रोकरेज फर्म CLSA ने भारतीय आईटी सेक्टर को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। ब्रोकरेज ने आईटी स्टॉक्स में हालिया तेजी के बाद निवेशकों को अपनी पोजिशन घटाने की सलाह दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे बड़े पैमाने पर कमजोर रहने की उम्मीद है। साथ ही उसने दो आईटी स्टॉक एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा पर अपनी रेटिंग को डाउनग्रेड कर दिया है।
सीएलएसए ने एचसीएल टेक पर अपनी रेटिंग को ‘Outperform’ से डाउनग्रेड कर ‘Hold’ कर दिया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 1,692 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यह स्टॉक के पिछले बंद भाव 1639 रुपये से 3 फीसदी ज्यादा है।
ब्रोकरेज के अनुसार, एचसीएल टेक्नोलॉजीज फिलहाल टीसीएस और इंफोसिस जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तुलना में करीब 5 फीसदी के वैल्यूएशन प्रीमियम पर कारोबार कर रही है।
सीएलएसए ने टेक महिंद्रा पर अपनी रेटिंग को ‘High Conviction Outperform’ से डाउनग्रेड कर ‘Outperform’ कर दिया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 1,705 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यह स्टॉक के पिछले बंद भाव 1612 रुपये से 6 फीसदी ज्यादा है।
12 जनवरी से शुरू होंगे IT कंपनियों के नतीजे
आईटी कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे 12 जनवरी से शुरू होंगे। एचसीएल टेक और टीसीएस 12 जनवरी को दिसंबर तिमाही के नतीजों का एलान करेंगी। इंफोसिस के नतीजे 14 जनवरी और टेक महिंद्रा के नतीजे 16 जनवरी को आएंगे।
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही आमतौर पर आईटी उद्योग के लिए कमजोर रहती है। इस दौरान अमेरिका और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में छुट्टियों का मौसम होता है। इसके बावजूद, तीसरी तिमाही के नतीजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर प्रबंधन की टिप्पणियों पर खास नजर रहेगी। खास तौर पर यह देखा जाएगा कि एआई से जुड़ी मांग क्या वाकई ऑर्डर में बदल रही है और उससे कमाई हो रही है या नहीं।
बाजार एआई रणनीति पर प्रबंधन के रुख का इंतजार करेगा, क्योंकि ज्यादातर कंपनियां अब इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) पहले ही दो अधिग्रहणों और डेटा सेंटर क्षेत्र में प्रवेश की घोषणा कर चुकी है। वहीं विप्रो ने हर्मन के डीटीएस बिजनेस का अधिग्रहण किया है, जबकि कोफोर्ज ने एनकोरा को खरीदा है। आने वाले समय में अन्य कंपनियां भी इसी तरह के कदम उठा सकती हैं।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर में खरीदारी/बेचने की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)