facebookmetapixel
‘हम ब्लैकमेल नहीं होने वाले’, टैरिफ पर EU और ब्रिटेन का ट्रंप को जवाब: यह फैसला रिश्तों में दरार डालेगाQ3 Preview: घरेलू बिक्री बढ़ी, दवा कंपनियों की Q3 आमदनी में 8-11% तक उछालUPI को ग्लोबल बनाने की जरूरत, छोटे मर्चेंट्स के लिए सेटलमेंट को सही करना जरूरी: Pay10 के फाउंडरवर्कप्लेस पर तेजी से बढ़ रहा है AI का इस्तेमाल, लेकिन ट्रेनिंग में पीछे छूट रही हैं कंपनियां: रिपोर्टMauni Amavasya 2026: प्रयागराज में संगम पर उमड़ी करोड़ों की श्रद्धालुओं की भीड़, शंकराचार्य विवाद में फंसेदुनिया भर में बढ़ रही भारतीय दवाओं की मांग, नाइजीरिया और ब्राजील बने नए बड़े ठिकानेMarket Outlook: इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे Q3 नतीजे और ग्लोबल संकेतMCap: मार्केट में SBI और Infosys का जलवा, Reliance समेत कई कंपनियों की वैल्यू में गिरावटनेविल टाटा की सर रतन टाटा ट्रस्ट में नियुक्ति की कोशिश फिर फेल, बोर्ड मीटिंग क्वोरम पूरा न होने से रद्दत्योहारी रफ्तार से दौड़ा ऑटो सेक्टर, Q3FY26 में कमाई के नए रिकॉर्ड के संकेत

बैंकों के बोर्डों के साथ RBI की बैठक में रणनीतिक भूमिका पर जोर देने को लेकर हुई चर्चा

Last Updated- May 22, 2023 | 10:53 PM IST
Reserve Bank of India, RBI MPC Meet Highlights

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के शीर्ष अधिकारियों संग सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निदेशक मंडल की आज पूरे दिन बैठक हुई। इसमें बोर्ड की रणनीतिक भूमिका पर जोर देने और स्वतंत्र निदेशकों के लिए पारिश्रमिक बढ़ाने पर चर्चा की गई।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निदेशक मंडल के साथ यह अपनी तरह की पहली बैठक थी। 29 मई को मुंबई में निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ भी इसी तरह की बैठक की जाएगी।

हालांकि आरबीआई की ओर से जारी विज्ञप्ति में उन बातों को उल्लेख नहीं किया गया जिन पर विशेष चर्चा की गई। लेकिन शीर्ष सूत्रों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि बैंकों के निदेशक मंडल को रणनीतिक भूमिका पर जोर देना चाहिए और परिचालन तथा अन्य पहलुओं पर उसे कम ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही बैंकिंग नियामक के शीर्ष अधिकारियों के साथ खुली बातचीत में प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए स्वतंत्र निदेशकों को बेहतर पारिश्रमिक देने की मांग पर भी चर्चा की गई।

आरबीआई के 26 अप्रैल, 2021 के परिपत्र में कहा गया था कि बोर्ड तथा इसकी समिति की बैठकों में शामिल होने के लिए शुल्क तथा अन्य खर्चों के अलावा बैंक गैर-कार्यकारी निदेशकों को उनकी जिम्मेदारी तथा समय की मांग के हिसाब से तय पारिश्रमिक का भुगतान दे सकता है। इसे योग्य एवं सक्षम लोगों को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त माना गया था। हालांकि यह भी कहा गया था कि निदेशक मंडल के चेयरमैन से इतर गैर-कार्यकारी निदेशकों को तय पारिश्रमिक 20 लाख रुपये सालाना से अधिक नहीं होना चाहिए।

हालांकि वा​णि​ज्यिक बैंकों में प्रशासन पर आरबीआई की ओर से 11 जून 2020 को जारी परिचर्चा पत्र का सरकारी बैंकों पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ा क्योंकि बैंकों के विशेष प्रावधान के कारण सुझाव उन पर लागू नहीं होते थे। ऐसे में माना जाता था कि अ​धिकारी समय के साथ-साथ बोर्ड को साफ-सुथरा बनाने के प्रोटोकॉल पर पूरी तरह अमल करेंगे।

Also read: 2000 रुपये की नोट वापसी का आ​र्थिक प्रभाव ‘मामूली’: RBI गवर्नर

आरबीआई के उस परिचर्चा पत्र पर विवाद पैदा हो गया था क्योंकि निजी क्षेत्र के बैंकों का मानना था कि उनके साथ भेदभाव करते हुए उनकी श​क्तियों को सीमित कर दिया गया है। इन बैंकों में स्वतंत्र निदेशकों की भूमिका को कार्यकारी बनाया गया था जबकि दैनिक कामकाज में उनका कोई दखल नहीं होता है। नामांकन एवं वेतन स​मिति, ऑडिट समिति और जो​खिम प्रबंधन समिति में केवल गैर-कार्यकारी निदेशक होते थे। सभी बैंकों में समान प्रोटोकॉल तभी लागू किए जा सकते हैं जब सरकारी और निजी दोनों क्षेत्र के बैंकों के बोर्ड रणनीतिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए स्वतंत्र हों।

आज की बैठक में गर्वनर श​क्तिकांत दास ने कई हालिया झटकों के बावजूद वित्तीय प्रदर्शन में सुधार जारी रखने और अर्थव्यवस्था को सहारा देने में बैंकों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि बैंकों के निदेशक प्रशासन में और मजबूती तथा जो​खिम प्रबंधन, अनुपालन एवं आंतरिक ऑडिट जैसी गतिवि​धियां सुनि​श्चित करेंगे।

First Published - May 22, 2023 | 10:53 PM IST

संबंधित पोस्ट