facebookmetapixel
Advertisement
Medicine Price Update: रेबीज रोधी दवा महंगी, डायबिटीज-HIV समेत 39 दवाओं की नई कीमतें तयभारत ने जहाज पर हमले को बताया चिंताजनक, 11 भारतीय नाविकों में से एक लापताराम मंदिर मामले में संघ ने जताई पीड़ा, कहा- दोबारा न हो ऐसी चूक; विपक्ष ने घेराहोर्मुज स्ट्रेट फिर हुआ बंद, क्या भारत पर पड़ेगा असर? जानिए पूरी तस्वीरITR Filing 2026: खेती की जमीन बेची तो टैक्स लगेगा या नहीं? जानें नियम और बचावEditorial: कम शुल्क से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा, भारत को चाहिए स्थायी आयात सुधारहोर्मुज संकट से आगे: भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा कैसे कर रहा है मजबूत?‘सतलुज’ विवाद से पंजाब की चुनावी राजनीति में क्या आएगा बड़ा बदलाव?एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का जीएमपी मजबूत, निवेशक कर रहे वैल्यू  की तलाशPage Industries पर ब्रोकरेज बुलिश, प्रीमियम प्रोडक्ट्स और बढ़ती मांग से ग्रोथ तेज; टारगेट प्राइस ₹48,000 तक

अच्छा माहौल, बिक्री वृद्धि की आस; बैंकों में कारोबार बढ़ाने पर जोर

Advertisement

टीम लीज सर्विसेज के आंकड़ों के अनुसार बैंकों ने बीते छह महीनों में सेल्स स्टाफ की भर्ती में 10-15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

Last Updated- January 07, 2026 | 8:50 AM IST
banking laws

बैंकों में सेल्स स्टाफ की नियुक्तियों में उछाल आ गई है। उद्योग के विशेषज्ञों के अनुसार बैंकों ने कारोबारी वृद्धि में उछाल और कारोबारी सुगमता बेहतर करने के नियामकीय इंतजामों के कारण आवास, वाहन और स्वर्ण ऋण के सुरक्षित खंडों में अधिक सेल्स स्टाफ की नियुक्तियां की हैं जबकि रिकवरी खंड में कम नियुक्तियां हुई हैं।

टीम लीज सर्विसेज के आंकड़ों के अनुसार बैंकों ने बीते छह महीनों में सेल्स स्टाफ की भर्ती में 10-15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। यह सतर्क भर्ती माहौल से बदलाव का प्रतीक है। दरअसल, बैंकों ने नियामकीय बदलाव और लागत पुन: गणना के कारण सेल्स स्टाफ की अधिक भर्ती की है।

टीमलीज सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बालासुब्रमण्यन ए ने बताया, ‘मझोले निजी बैंकों और एनबीएफसी में भर्ती काफी अधिक है। ये मझोले व छोटे शहरों में बाजार हिस्सेदारी हासिल करने के लिए आक्रामक रूप से अपने कारोबार का विस्तार कर रहे हैं। हालांक बड़े निजी बैंकों ने प्रौद्योगिकी-आधारित उत्पादकता और लागत अनुकूलन पर केंद्रित संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है। मझोले बैंक नए ऋण उत्पादों और स्थानीय स्तर पर संचालन बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से अपनी फ्रंटलाइन उपस्थिति बढ़ा रहे हैं।’

केंद्रीय बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने दिसंबर में नीति रीपो रेट में 25 आधार अंक की कटौती की थी। वर्ष 2025 में नीति रीपो रेट में कुल 125 आधार अंक की कटौती की गई थी। बैंकरों को उम्मीद है कि निधि लाभ की कम लागत शुरू हो जाएगी, जो विकास के सहायक आंकड़ों के साथ मिलकर व्यवसाय में वृद्धि को बढ़ावा देगी। यह आगे मजबूत वर्ष का संकेत देगी।

निजी क्षेत्र के बैंकर ने कहा, ‘ऋणदाताओं के लिए भर्ती रणनीतियों के संदर्भ में भर्ती अब संग्रह की तुलना में व्यवसाय पक्ष पर अधिक केंद्रित है।’ उन्होंने कहा, ‘नए दबाव कम हो गए हैं। कारण यह है कि निधियों की कम लागत का लाभ कुछ अंतराल के साथ शुरू हो रहा है । इन लाभों के 2026 तक बढ़ने की उम्मीद है।’

Advertisement
First Published - January 7, 2026 | 8:50 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement