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NPA: बैंकों का कुल फंसा कर्ज घटकर पांच फीसदी पर आया, सात साल में सबसे कम-RBI

Last Updated- December 29, 2022 | 6:49 PM IST
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को कहा कि बैंकों का सकल NPA (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) यानी फंसा कर्ज सात वर्षों के निचले स्तर पांच फीसदी पर आ गया है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक व्यवस्था मजबूत बनी हुई है और उनके पास पर्याप्त पूंजी है। 

RBI ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (FSR) के 26वें अंक में यह भी कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर मंदी के जोखिम के साथ विपरीत हालात का सामना कर रही है। कई झटकों के चलते वित्तीय स्थिति सख्त हो गई है और वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। रिपोर्ट में कहा गया, ‘भारतीय अर्थव्यवस्था विपरीत वैश्विक हालात का सामना कर रही है। फिर भी मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियाद और स्वस्थ वित्तीय एवं गैर-वित्तीय क्षेत्र के मजबूत बही-खाते के चलते वित्तीय प्रणाली बेहतर स्थिति में है।’

यह भी पढ़ें: करंट अकाउंट डेफिसिट में इजाफा, FY23 की दूसरी तिमाही में बढ़कर GDP के 4.4 फीसदी पर पहुंचा

रिपोर्ट की प्रस्तावना में RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक वैश्विक जोखिमों के चलते अस्थिरता की आशंका को पहचानता है। उन्होंने कहा, ‘रिजर्व बैंक और अन्य वित्तीय नियामक भारतीय अर्थव्यवस्था के सर्वोत्तम हित में, जब भी जरूरी हो, उचित हस्तक्षेप के जरिए वित्तीय प्रणाली की स्थिरता और सुदृढ़ता सुनिश्चित करने के लिए सतर्क और तत्पर रहते हैं।’ मुद्रास्फीति के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि कीमतें बढ़ी हुई हैं, लेकिन मौद्रिक कार्रवाइयों और आपूर्ति पक्ष के हस्तक्षेप से दबाव कम हो रहा है। 

First Published - December 29, 2022 | 6:49 PM IST

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