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करंट अकाउंट डेफिसिट में इजाफा, FY23 की दूसरी तिमाही में बढ़कर GDP के 4.4 फीसदी पर पहुंचा

Last Updated- December 29, 2022 | 7:05 PM IST

चालू खाते का घाटा यानी करंट अकाउंट डेफिसिट (Current Account Deficit) वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही में बढ़कर 36.4 अरब डॉलर रहा । यह ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) का 4.4 फीसदी है। मुख्य रूप से ट्रेड डेफिसिट बढ़ने से कैड (CAD) बढ़ा है । करंट अकाउंट डेफिसिट बैलेंस ऑफ पेमेंट्स की स्थिति को बताने वाला प्रमुख इंडीकेटर है।

आरबीआई ने कहा कि 2022-23 की पहली छमाही में चालू खाते का घाटा जीडीपी के मुकाबले 3.3 फीसदी रहा, जबकि 2021-22 की पहली छमाही में यह 0.2 फीसदी था।

वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में देश का करंट अकाउंट डेफिसिट 18.2 अरब डॉलर था जो जीडीपी का 2.2 फीसदी है। पिछले वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही में कैड 9.7 अरब डॉलर यानी जीडीपी का 1.3 फीसदी था।

इससे पहले चालू खाते का घाटा  2013-14 की पहली तिमाही में जीडीपी के  4.7 फीसदी के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।

वस्तुओं  का  व्यापार घाटा (trade deficit) 2022-23 की पहली तिमाही के 63 अरब डॉलर से बढ़कर दूसरी तिमाही में 83.5 अरब डॉलर हो गया।

First Published - December 29, 2022 | 5:22 PM IST

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