facebookmetapixel
Advertisement
फ्लॉप से सुपरहिट बनी इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’, कैसे दर्शकों ने पलट दी बॉक्स ऑफिस की बाजीEditorial: महिलाओं की नकद हस्तांतरण योजनाओं ने बदली तस्वीर, लेकिन बढ़ा राज्यों पर वित्तीय दबावअगले दो साल में IPO के लिए तैयार होंगी 210 नई कंपनियां, रेडसीर की रिपोर्ट में हुआ खुलासाSBI Funds Management आईपीओ से पहले बेचेगी हिस्सेदारी, प्री-आईपीओ प्लेसमेंट से जुटाए ₹1,655 करोड़शेयर बाजार में हफ्ते भर मची रही हलचल, रिलायंस और बैंकिंग शेयरों की दम पर आखिरी दिन हुई चौतरफा रिकवरीरूफटॉप सोलर स्कीम को मिलेगी बड़ी रफ्तार, विश्व बैंक भारत के लिए जुटाएगा $4.2 अरब का प्राइवेट फंडMSME सेक्टर को बड़ी राहत, अब सभी सरकारी कंपनियों के लिए ट्रेड्स प्लेटफॉर्म से बिल भुगतान जरूरीओयो-जॉस्टल के बीच बढ़ा कानूनी विवाद, दिल्ली HC ने बैकपैकर हॉस्टल श्रृंखला की नई अर्जी को किया खारिजएमेजॉन प्राइम डे का 10वां सीजन रहा अब तक का सबसे सुपरहिट, छोटे शहरों में दिखा सबसे ज्यादा क्रेजट्रेडमार्क उल्लंघन मामले में गूगल इंडिया को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका, अंतरिम राहत देने से अदालत का इनकार

खुदरा महंगाई नरम, उद्योग उत्पादन को दम

Advertisement

आरबीआई ने खुदरा मुद्रास्फीति 2 फीसदी घट-बढ़ के साथ 4 फीसदी पर सीमित रखने का लक्ष्य रखा है

Last Updated- June 12, 2023 | 10:49 PM IST
Inflation

खाने-पीने की वस्तुओं और ईंधन उत्पादों की कीमतें नरम पड़ने तथा उच्च आधार की वजह से मई में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 25 माह के निचले स्तर 4.25 फीसदी पर आ गई। इससे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पास लंबे समय तक नीतिगत दरों को यथावत बनाए रखने की गुंजाइश बढ़ी है। इस बीच खान और विनिर्माण क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन की बदौलत औद्योगिक उत्पादन में भी अप्रैल में सुधार हुआ है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति मई में कम होकर 4.25 फीसदी रही, जो अप्रैल में 4.70 फीसदी थी।

खाद्य, ईंधन, कपड़े और सेवाओं की कीमतों में नरमी की वजह से खुदरा मुद्रास्फीति लगातार तीसरे महीने आरबीआई के सहज स्तर के दायरे में रही। आरबीआई ने खुदरा मुद्रास्फीति 2 फीसदी घट-बढ़ के साथ 4 फीसदी पर सीमित रखने का लक्ष्य रखा है।

इस बीच औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) अप्रैल में 4.2 फीसदी बढ़ा, जो मार्च में 1.1 फीसदी बढ़ा था। विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में 4.9 फीसदी और खनन में 5.1 फीसदी की बढ़ोतरी से आईआईपी को बन मिला। बिजली क्षेत्र के उत्पादन में 1.1 फीसदी की गिरावट आई है।

खाद्य पदार्थों की महंगाई की बात करें तो मई में यह घटकर 2.91 फीसदी रह गई जो अप्रैल में 3.4 फीसदी थी। दालों, फलों और गैर-अल्कोहल वाले पेय पदार्थों के दाम कम होने से खाद्य पदार्थों की महंगाई घटी है। स​ब्जियों, मांस-मछली आदि के दाम में भी इस दौरान गिरावट आई है।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि खाने-पीने की चीजों के दाम घटने से खुदरा मुद्रास्फीति में उम्मीद से ज्यादा की कमी आई है लेकिन मॉनसून के सामान्य से कम रहने की आशंका से चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने की चिंता बनी हुई है।

आईआईपी की बात करें तो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के उत्पादन में लगातार पांचवें महीने 3.5 फीसदी की कमी आई, जो ग्राहकों की कमजोर मांग का संकेत है। एक साल पहले इस क्षेत्र का उत्पादन 7.2 फीसदी बढ़ा था। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन अप्रैल में 10.7 फीसदी बढ़ा है। 23 विनिर्माण क्षेत्र में से केवल 12 क्षेत्र का उत्पादन ही अप्रैल में बढ़ा है।

Advertisement
First Published - June 12, 2023 | 10:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement