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Budget 2026: स्टार्टअप्स-MSME के लिए ₹10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड, डिजिटल व्यापार पर फोकस

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने और 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई ग्रोथ फंड की शुरुआत करने का प्रस्ताव किया

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पीरज़ादा अबरार   
Last Updated- February 02, 2026 | 9:13 AM IST

Startup Funding Budget 2026: बजट में स्टार्टअप और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इसमें फंड और ऋण तक पहुंच में सुधार, विनिर्माण को समर्थन और नियामकीय बोझ कम करने पर जोर दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने और 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई ग्रोथ फंड की शुरुआत करने का प्रस्ताव किया। उन्होंने 2021 में स्थापित आत्मनिर्भर भारत फंड में 2,000 करोड़ रुपये और डालने का भी प्रस्ताव रखा है।

विभिन्न उद्योग के प्रमुखों, निवेशकों और स्टार्टअप अधिकारियों ने इस तरह की पहलों का स्वागत किया। फ्लिपकार्ट समूह के मुख्य कार्याधिकारी कल्याण कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘केंद्रीय बजट 2026 भारत के विकास पथ के लिए एक सकारात्मक कदम है। डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, सरल अनुपालन, एमएसएमई वित्तपोषण और उत्पादकता बढ़ाने वाले बुनियादी ढांचे पर इसका ध्यान अधिक समावेशी और औपचारिक डिजिटल अर्थव्यवस्था की नींव को मजबूत करता है।’

ई-कॉमर्स फर्म मीशो के सह-संस्थापक, प्रबंध निदेशक और सीईओ विदित आत्रेय ने कहा कि भारतीय एमएसएमई और डिजिटल कॉमर्स के लिए समर्थन के उपायों से पारिस्थितिकी तंत्र  में स्पष्ट बदलाव के संकेत मिलते हैं। 

उन्होंने कहा कि ₹10,000 करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड, ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (टीआरईडीएस) का जीईएम (सरकारी ई-मार्केटप्लेस) के साथ गहरा एकीकरण और मजबूत क्रेडिट गारंटी जैसे पहल छोटे विक्रेताओं के लिए कार्यशील पूंजी की बाधाओं दूर करेंगे। खासकर छोटे और मझोले शहरों में इसका लाभ मिलेगा, जहां ई-कॉमर्स तेजी से बढ़ रहा है।  आत्रेय ने कहा कि बजट में मुख्य प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें डेटा केंद्र और क्लाउड क्षमता शामिल है।

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उन्होंने कहा कि घरेलू डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की लागत घटाने से एआई से संचालित टूल्ट और उन्नत तकनीकों को बढ़ावा  मिलेगा। आत्रेय ने कहा, ‘कुल मिलाकर बजट में अधिक लचीले, समावेशी और तेज विकास के वातावरण की नींव रखी गई है।’

राइड हेलिंग फर्म रैपिडो के सह-संस्थापक पवन गुंटुपल्ली ने कहा कि केंद्रीय बजट में कौशल, पर्यटन और छोटे व मझोले शहरों के विकास पर ध्यान रखा गया है। यह रैपिडो के बड़े पैमाने पर सम्मानजनक आजीविका को सक्षम करने के मिशन के साथ मजबूती से जुड़ा हुआ है। गुंटुपल्ली ने कहा कि जैसे-जैसे भारत का विकास तेजी से महानगरों से आगे बढ़ रहा है, रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म लोगों को काम, बाजारों और अवसरों से जोड़ने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

गुंटुपल्ली ने कहा, ‘स्थानीय युवाओं को कमाई के विकल्प के साथ सशक्त बनाकर और उभरते पर्यटन और आर्थिक केंद्रों में अंतिम छोर तक आवागमन की सुविधा करके हम बुनियादी ढांचे और कौशल से जुड़े निवेशों को वास्तविक और जमीनी प्रभाव में बदलने में मदद कर रहे हैं।’

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ब्लैकसॉइल के वीपी (निवेश) साई प्रमोद ने कहा कि इस वर्ष के बजट में छोटे उद्योगों को कम अवधि की राहत देने के बजाय दीर्घकालीन ढांचागत सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें ऋण और फंडों को सुगम बनाेन के साथ टीआरईडीएस और सीजीटीएमएसई लिंकेज जैसे व्यवस्थित सुधारों के माध्यम से बढ़ी हुई क्रेडिट और इक्विटी सहायता  का प्रावधान किया गया है, जिससे एमएसएमई क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ होगा।

भरत इनोवेशन फंड के सह-संस्थापक श्याम मेनन ने कहा कि बजट भारत की स्टार्टअप कहानी में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है, जो ‘डिजिटल अपनाने’ से ‘डीप साइंस इनोवेशन’ की ओर बढ़ रहा है। मेनन ने कहा कि डीप टेक फंड ऑफ फंड्स के लिए स्पष्ट प्रस्ताव, निजी क्षेत्र द्वारा संचालित आरऐंडडी के लिए 20,000 करोड़ रुपये आवंटन ऐसे फैसले हैं, जिसका इस क्षेत्र को इंतजार था।

First Published : February 2, 2026 | 9:13 AM IST