मशहूर किताब 'रिच डैड पुअर डैड' के लेखक और फाइनेंशियल एडवाइजर रॉबर्ट कियोसाकी | फाइल फोटो
मशहूर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक और फाइनेंशियल एडवाइजर Robert Kiyosaki ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक नए पोस्ट में बाजार की गिरावट को एक बड़े मौके के रूप में पेश किया है। उन्होंने आम लोगों के व्यवहार की तुलना रिटेल डिस्काउंट से की। कियोसाकी कहते हैं कि जब वॉलमार्ट जैसे स्टोर्स में सेल लगते हैं, तो गरीब लोग झट से खरीदने दौड़ पड़ते हैं। लेकिन जब शेयर बाजार या फाइनेंशियल एसेट्स में गिरावट आती है, यानी क्रैश होता है, तो वही लोग डरकर सब बेचकर भाग जाते हैं। वहीं, अमीर लोग ऐसी स्थिति में और ज्यादा खरीदारी करते हैं।
कियोसाकी ने इस बात को मौजूदा समय से जोड़ा, जहां कीमती धातुओं और क्रिप्टो में गिरावट आई है। उन्होंने इसे ‘सेल’ का नाम दिया और कहा कि वह नकदी लेकर इंतजार कर रहे हैं, ताकि सस्ते दाम पर और ज्यादा गोल्ड, सिल्वर और बिटकॉइन खरीद सकें। उनका सवाल है कि आप क्या करेंगे?
यह पोस्ट निवेश की उस पुरानी सोच को याद दिलाती है कि बाजार की गिरावट में डरने की बजाय, अगर आपके पास पैसा और यकीन है, तो अच्छे एसेट्स खरीदने का सही वक्त होता है। खासकर जब बाजार में डर फैला हो और कीमतें नीचे हों, तो अमीर लोग यहीं से अपनी दौलत बढ़ाते हैं।
Robert Kiyosaki का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब गोल्ड, सिल्वर और बिटकॉइन जैसी चीजों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। ये एसेट्स हाल ही में रिकॉर्ड हाई पर पहुंचे थे, लेकिन अब तेजी से नीचे आ रहे हैं। उनका मानना है कि ये गिरावट बाहर निकलने का संकेत नहीं, बल्कि धीरे-धीरे खरीदने का न्योता है। अगर आपके पास कैश है, तो ऐसी स्थिति में तैयार रहना चाहिए।
सोमवार को गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में और गिरावट आई। आज यानी 2 फरवरी को वायदा बाजार में चांदी करीब 23 हजार रुपए (9%) गिर गई।1 किलो चांदी का भाव 2.41 लाख रुपए पर आ गया। सोने में भी करीब 7 हजार रुपए (6%) की गिरावट है। 10 ग्राम सोना 1.40 लाख रुपए पर आ गया है।
बीते दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने केविन वार्श को अगला फेडरल रिजर्व चेयर बनाने का ऐलान किया, जिससे डॉलर मजबूत हुआ और इसका असर कीमती धातुओं पर पड़ा।
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स्पॉट गोल्ड ने शुक्रवार को 1983 के बाद की सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट देखी, जो 9% से ज्यादा थी। सोमवार को दोपहर 12:30 तक यह 7.21 फीसदी गिरकर 4,534.65 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। जबकि चांदी की कीमत 13.83 फीसदी की गिरावट के साथ 2,360.81 डॉलर प्रति किलो पर पहुंच गई।
बिटकॉइन की बात करें, तो 2 फरवरी को इसकी कीमत 75,000 डॉलर से नीचे गिर गई। क्रिप्टो बाजार में सेलऑफ तेज हुआ और कोई नई तेजी नहीं दिखी। ये सब बदलाव निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर रहे हैं कि क्या ये गिरावट थमेगी या और गहराएगी।
रॉबर्ट कियोसाकी सिल्वर को लेकर काफी उत्साहित रहते हैं, भले ही बाजार में कितनी भी हलचल हो। उन्होंने हाल ही में बताया था कि वह कर्ज का स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल करके ऐसी रियल एस्टेट खरीदते हैं जो पैसे कमाती हो। उससे मिलने वाले कैश फ्लो से वह गोल्ड, सिल्वर, बिटकॉइन और एथेरियम खरीदते रहते हैं। उनका कहना है कि सिल्वर बेचने की क्या जरूरत, जब रियल एस्टेट से पॉजिटिव कैश फ्लो आ रहा हो।
कियोसाकी के लिए सिल्वर बाकी सभी एसेट्स से ज्यादा खास है। उनका मानना है कि इस वक्त सिल्वर सबसे सस्ता और कम आंका गया एसेट है। वह पहले कह चुके हैं कि सिल्वर अभी करीब 50 डॉलर पर है, लेकिन जल्द 70 डॉलर तक जा सकता है और 2026 तक शायद 200 डॉलर भी छू ले। उनकी सोच यह है कि सिल्वर की ताकत दोहरी है। गोल्ड को लोग सिर्फ पैसा बचाने का जरिया मानते हैं, लेकिन सिल्वर का इस्तेमाल इंडस्ट्री में भी खूब होता है, जैसे सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक गाड़ियां, मेडिकल उपकरण और डिफेंस टेक्नोलॉजी। इसी वजह से बढ़ती डिमांड सिल्वर को निवेश और इंडस्ट्री दोनों के लिहाज से मजबूत बनाती है।
कियोसाकी शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव को ज्यादा तवज्जो नहीं देते। उनके मुताबिक, कीमतों की हलचल फिएट करेंसी की लंबी गिरावट के मुकाबले कुछ नहीं है। अमेरिकी कर्ज बढ़ने और फेडरल रिजर्व व ट्रेजरी की पॉलिसीज से जुड़ी चिंताओं को जोड़कर, कियोसाकी प्रेशस मेटल्स और डिजिटल एसेट्स को करेंसी के कमजोर होने से बचाव का तरीका बताते हैं। बाजार की टाइमिंग से ज्यादा, यह लंबी सोच पर आधारित है।