facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

Retail Inflation: खुदरा महंगाई रह गई 5.22 फीसदी, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद हुई धूमिल

Advertisement

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि फरवरी में रीपो दर में बदलाव की उम्मीद नहीं है।

Last Updated- January 13, 2025 | 11:07 PM IST
inflation base year

Retail Inflation: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर में घटकर चार महीने में सबसे कम 5.22 फीसदी रही, जो नवंबर में 5.48 फीसदी थी। विश्लेषकों का कहना है कि रुपये में नरमी और खुदरा मुद्रास्फीति के 5 फीसदी से ऊपर बने रहने से फरवरी में होने वाली मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रीपो दर में कटौती की उम्मीद धूमिल हो गई है।

राष्ट्रीय सां​ख्यिकी कार्यालय की ओर से आज जारी आंकड़ों के अनुसार खाद्य मुद्रास्फीति दिसंबर में घटकर 8.39 फीसदी रही जो नवंबर में 9 फीसदी थी। सब्जियों के दाम ऊंचे रहने के कारण खाद्य मुद्रास्फीति में ज्यादा गिरावट नहीं आई।

केयर रेटिंग्स की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा ने कहा कि खरीफ की पैदावार अच्छी रहने के साथ कृ​​षि परिदृश्य सकारात्मक बना हुआ है। रबी की बोआई भी अच्छी रहने की संभावना है। ऐसे में मुद्रास्फीति पर खाद्य पदार्थों के ऊंचे दाम का दबाव कम होगा।

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि फरवरी में रीपो दर में बदलाव की उम्मीद नहीं है। रिजर्व बैंक ने पिछले महीने चालू वित्त वर्ष के लिए अपने मुद्रास्फीति के अनुमान को 4.5 फीसदी से बढ़ाकर 4.8 फीसदी कर दिया था। उसने खाद्य कीमतों पर दबाव के कारण दिसंबर तिमाही में कुल मुद्रास्फीति के उच्चस्तर पर बने रहने की भी आशंका जताई थी।

Advertisement
First Published - January 13, 2025 | 11:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement