facebookmetapixel
दुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के क्या हाल हैं? रिपोर्ट में बड़ा संकेत30% टूट चुका Realty Stock बदलेगा करवट, 8 ब्रोकरेज का दावा – ₹1,000 के जाएगा पार; कर्ज फ्री हुई कंपनीसिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टर

सूर्यघर योजना को गति देने की कवायद में वित्त मंत्रालय

घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए भौतिक सत्यापनों की जरूरत नहीं होगी, जिससे कि तेजी से योजना को लागू किया जा सके। 

Last Updated- April 28, 2025 | 11:17 PM IST
Vikram Solar Share
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (पीएमएसजीएमबीवाई) के क्रियान्वयन को गति देने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने बैंकों को योजना के तहत उपभोक्ता सत्यापन, स्थापना सत्यापन और साइट व्यवहार्यता मूल्यांकन के लिए एकल स्रोत के रूप में राष्ट्रीय पोर्टल का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए भौतिक सत्यापनों की जरूरत नहीं होगी, जिससे कि तेजी से योजना को लागू किया जा सके। पीएमएसजीएमबीवाई ग्रामीण और शहरी परिवारों के लिए सौर ऊर्जा योजना है।

अधिकारी ने कहा, ‘सिर्फ डिजिटल तरीका अपनाया जाना चाहिए, जिससे कि किसी भी भौतिक संपर्क की जरूरत को खत्म किया जा सके। यह भी सलाह दी जाती है कि वेंडरों को उनके प्रदर्शन के आधार पर पूर्ण सब्सिडी की किस्त जारी की जाए। उत्पाद में सुधारों के संदर्भ में क्रेडिट इन्फॉमेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड (सिबिल) स्कोर के बगैर आवेदकों को सहायता देने के लिए व्यवस्था लाई जानी चाहिए।’सूत्र ने आगे कहा कि वेंडरों की कार्यशील पूंजी के लिए नई वित्तीय व्यवस्था लाई जानी चाहिए और निजी क्षेत्र के बैंकों को इस व्यवस्था को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

अधिकारी ने कहा, ‘इस बदलाव को समर्थन देने के लिए नवीकरणीय वित्तीय दायित्व की संभावना तलाशी जानी चाहिए और उन्हें एकीकृत किया जाना चाहिए। साथ ही प्राथमिकता वाले क्षेत्र के ऋण (पीएसएल) और अन्य सहायक नीतिगत उपायों का विस्तार किया जाना चाहिए। जमीनी स्तर पर तकनीकी और उत्पाद के बारे में प्रशिक्षण, उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम जैसी जमीनी गतिविधियों पर जोर होना चाहिए।’

First Published - April 28, 2025 | 10:42 PM IST

संबंधित पोस्ट