facebookmetapixel
दूध के साथ फ्लेवर्ड दही फ्री! कहानी क्विक कॉमर्स की जो बना रहा नए ब्रांड्स को सुपरहिटWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड की लहर! IMD ने जारी किया कोहरा-बारिश का अलर्ट67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटा

भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात जारी, सितंबर में सप्लाई बढ़कर 15.5 लाख बैरल प्रतिदिन

पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद भारत रियायती दर पर रूस से तेल खरीद रहा है। इंडियन ऑयल, एचपीसीएल जैसी रिफाइनर कंपनियों ने खरीदी जारी रखी।

Last Updated- September 11, 2025 | 9:07 AM IST
Picking on India: How US tariff move targets Russian oil-linked exports

रूस से भारत को कच्चे तेल की सिंतबर के शुरुआत से नियमित बनी हुई है। इससे पता चलता है कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के दबाव के बावजूद भारत रूस से रियायती दर पर तेल खरीदने को इच्छुक हैं। वैश्विक शिपिंग डेटा और विश्लेषण प्रदाता केप्लर के मुताबिक रूस से भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति सितंबर के शुरुआती नौ दिनों में 15.5 लाख बैरल प्रति दिन थी जबकि यह अगस्त में 14.9 लाख बैरल प्रतिदिन था।

सरकारी कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) सहित भारत की तेल रिफाइनर कंपनियां ने रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखी है। इन कंपनियों का तर्क है कि रूस के तेल पर प्रत्यक्ष प्रतिबंध नहीं हैं।

केप्लर के रिफाइनिंग ऐंड मॉडलिंग के प्रमुख शोधकर्ता सुमित रिठाला ने बताया, ‘भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक रूस है। भारत के कुल कच्चे तेल के आयात में रूस एक तिहाई से अधिक मुहैया करवाता है। यह प्रतिबंधों का दबाव बढ़ने के बावजूद अधिकतम रियायती रूसी तेल हासिल करने की भारत की जारी रणनीति को उजागर करता है।’

भारत के रिफाइनरियों ने रूस के साथ तेल खरीद के जो सौदे जुलाई में किए थे, उनकी आवक सितंबर की शुरुआत में हुई है। इन हालिया प्रतिबंधों का असर सितंबर के अंत या अक्टूबर से ज्यादा स्पष्ट होगा।

First Published - September 11, 2025 | 9:07 AM IST

संबंधित पोस्ट