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GeM से हुआ छोटे कारोबारियों को फायदा, सरकारी खरीद ने किया ₹15 लाख करोड़ का आंकड़ा पार

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आगे बढ़ते हुए, GeM का लक्ष्य रहेगा समावेशिता को और गहरा करना, प्रक्रियाओं को और सरल बनाना और नवाचार को प्रोत्साहित करना

Last Updated- August 25, 2025 | 8:26 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत सरकार के डिजिटल खरीद प्लेटफॉर्म Government e Marketplace (GeM) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए ₹15 लाख करोड़ का संचयी ग्रॉस मर्चेंडाइज़ वैल्यू (GMV) पार कर लिया है। वर्ष 2016 में स्थापना के बाद से, GeM ने सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता, दक्षता और समावेशिता का नया युग शुरू किया है।

Ministry of Commerce & Industry प्रवक्ता ने कहा कि नौ वर्षों में बना देश का सबसे बड़ा ई-प्रोक्योरमेंट प्लेटफॉर्म GeM एक ऐसा मंच बन गया है जो न केवल सरकारी खरीद की प्रक्रिया को सरल बनाता है, बल्कि देशभर के लघु एवं सूक्ष्म उद्यमों (MSEs), स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति उद्यमों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सरकारी तंत्र से जोड़ता है।

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GeM के सीईओ मिहिर कुमार ने इस मौके पर कहा,  “₹15 लाख करोड़ GMV का आंकड़ा पार करना हमारे सभी हितधारकों के विश्वास और सहयोग का प्रमाण है। यह सफलता उन लाखों विक्रेताओं और खरीदारों की है जिन्होंने भारत में सार्वजनिक खरीद की तस्वीर बदल दी है। हमारा फोकस अब भी प्रक्रियाओं को और सरल बनाने, समावेशिता को बढ़ाने और नवाचार को बढ़ावा देने पर रहेगा, जिससे ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार किया जा सके।”

GeM की प्रमुख उपलब्धियां:

  • सरकारी खरीद तक पहुंच का विस्तार: देशभर के लाखों विक्रेताओं को पहली बार सरकारी तंत्र से जोड़ने का कार्य किया गया। 
  • समावेशी भागीदारी: महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स, MSEs और SHGs की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा मिला।
  • पारदर्शिता व जवाबदेही: प्रत्येक लेन-देन में तकनीक व नीति के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित की गई।
  • डिजिटल इंडिया को गति: सरकारी कामकाज में डिजिटल प्रक्रियाओं को अपनाने का बड़ा उदाहरण बना।

Ministry of Commerce & Industry प्रवक्ता ने कहा कि GeM पर प्रत्येक लेन-देन केवल एक खरीदी नहीं, बल्कि दक्षता, पारदर्शिता और सशक्तिकरण का प्रतीक है। इस प्लेटफॉर्म ने न केवल नीति को तकनीक से जोड़ा, बल्कि देश के अंतिम छोर तक उद्यमिता और अवसरों को पहुंचाने का कार्य भी किया है। GeM की यह उपलब्धि न केवल डिजिटल गवर्नेंस में भारत की प्रगति को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि सरकारी खरीद में तकनीकी बदलाव किस तरह से समान अवसर, जवाबदेही और नवाचार को बढ़ावा दे सकते हैं। आगे बढ़ते हुए, GeM का लक्ष्य रहेगा — समावेशिता को और गहरा करना, प्रक्रियाओं को और सरल बनाना और नवाचार को प्रोत्साहित करना। जिससे भारत में सार्वजनिक खरीद प्रणाली और भी अधिक सक्षम, पारदर्शी और प्रभावी बन सके।

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First Published - August 25, 2025 | 6:09 PM IST

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