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वोडाफोन आइडिया ने दूरसंचार विभाग को एजीआर देनदारी में छूट के लिए आवेदन किया

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वोडाफोन आइडिया ने अपने एजीआर बकाया में त्रुटियों और दोहराव दूर करने के साथ जुर्माना और ब्याज में छूट की मांग की है, जिससे कंपनी 5G निवेश के लिए वित्तीय स्थिति मजबूत कर सके।

Last Updated- December 08, 2025 | 8:52 AM IST
Vodafone Idea share price on Vi revival plan
Representative Image

समझा जाता है कि विभिन्न संकटों का सामना कर रही निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया (वी) ने दूरसंचार विभाग को एक प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में बकाया राशि की गणना में अंकगणितीय त्रुटियों और दोहराव को दूर करके समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) की पुनर्गणना करने के साथ-साथ जुर्माने और उस पर ब्याज में एकमुश्त छूट देने का अनुरोध किया गया है। इसकी कुल राशि 45,000-50,000 करोड़ रुपये होगी। सूत्रों ने यह जानकारी मिली है।

एक जानकार सूत्र ने कहा, ‘त्रुटियों को दूर करके और दोहराव को हटाकर बकाया राशि की पुनर्गणना करने से देनदारी करीब आधी हो सकती है, जिसका सीधा मतलब है कि कंपनी अपने वित्त से ही ब्याज का भुगतान करने में सक्षम होगी।’ सूत्र ने बताया, ‘इससे वी को बैंकों के साथ-साथ गैर-बैंकिंग वित्तीय स्रोतों से भी धन जुटाने में मदद मिलेगी।’ कंपनी की 25,000 करोड़ रुपये की योजनाबद्ध फंडिंग प्रक्रिया उसकी 50,000-55,000 करोड़ रुपये की पूंजीगत व्यय योजना का अभिन्न हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी को प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए 5जी सेवाओं को पेश करना जरूरी हो गया है। नाम नहीं बताने की शर्त पर दूसरे सूत्र ने कहा, ‘सर्कल स्तर पर एजीआर की पुनर्गणना प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।’

यह प्रस्ताव काफी हद तक सितंबर में सर्वोच्च न्यायालय में पेश संशोधित याचिका के अनुरूप है। इसमें उसने कहा था कि उसे एजीआर बकाया पर जुर्माना, ब्याज और जुर्माने पर ब्याज का भुगतान करने से छूट दी जाए, इस आधार पर कि बकाया राशि के कई घटकों को अंतिम रूप नहीं दिया गया था। वी ने वित्त वर्ष 2017 तक की अवधि के लिए अपने एजीआर बकाया का व्यापक पुनर्मूल्यांकन करने के साथ-साथ देनदारियों की पुनर्गणना की मांग की थी।

विवरण के अनुसार वित्त वर्ष 2017 तक वोडाफोन-आइडिया की एजीआर देनदारियां 58,254 करोड़ रुपये थीं, जिनमें मूल राशि 12,797 करोड़ रुपये, ब्याज 28,294 करोड़ रुपये, जुर्माना 6,012 करोड़ रुपये और जुर्माने पर ब्याज 11,151 करोड़ रुपये था। मार्च 2025 तक कुल देनदारी राशि बढ़कर 83,400 करोड़ रुपये हो गई है, जैसा कि इस साल अक्टूबर में कंपनी की याचिका में कहा गया था। उस समय, कुल देनदारी में वित्त वर्ष 2019 तक दूरसंचार विभाग द्वारा मांगे गए लाइसेंस शुल्क के रूप में 9,450 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी शामिल थी, जिसमें से 5,606 करोड़ रुपये वित्त वर्ष 2017 तक के थे।

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First Published - December 8, 2025 | 8:52 AM IST

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