Vedanta Q3 Update: वेदांता का तीसरी तिमाही में एल्युमिनियम प्रोडक्शन 3% बढ़कर 614 किलो टन पहुंच गया। शुक्रवार को जारी प्रोविजनल अपडेट के मुताबिक, अक्टूबर-दिसंबर के बीच माइंड मेटल का प्रोडक्शन 3% बढ़कर 265 किलो टन हुआ। यह बढ़ोतरी बेहतर ग्रेड और अगुचा और जावर माइंस में प्रोडक्शन बढ़ने से हुई।
रिफाइंड जिंक का प्रोडक्शन भी इसी दौरान 3% बढ़कर 204 किलो टन हो गया। कंपनी ने 9 महीनों में माइंड मेटल प्रोडक्शन का रिकॉर्ड लेवल हासिल किया, जिसमें बेहतर ग्रेड और मिल रिकवरी ने अहम रोल निभाया। रिफाइंड मेटल प्रोडक्शन में भी नया रिकॉर्ड बना। रिफाइंड जिंक का प्रोडक्शन 3% और रिफाइंड लेड (सीसा) का प्रोडक्शन 4% बढ़ा। यह शानदार रिजल्ट प्लांट के बेहतर परफॉर्मेंस और रिसोर्स की सही उपलब्धता की वजह से मुमकिन हुआ।
पिछली तिमाही के आंकड़ों में तेल और गैस उत्पादन में गिरावट देखी गई, जबकि स्टील और तांबे के उत्पादन में सुधार हुआ है। तेल और गैस उत्पादन सालाना आधार पर 19% घटकर 9.1 मिलियन बैरल ऑयल इक्विवेलेंट प्रतिदिन रह गया।
वहीं, पिग आयरन उत्पादन में 7% की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 217 किलोटन तक पहुंचा। यह छोटे फर्नेस की रीलाइनिंग का नतीजा है। कुल पिग आयरन उत्पादन में तिमाही आधार पर 14% की बढ़त हुई, जो पिछली तिमाही में ब्लास्ट फर्नेस शटडाउन और भारी बारिश से आई रुकावटों से उबरने को दर्शाता है।
सेलेबल ओर उत्पादन में 10% की बढ़त के साथ यह 1.5 मिलियन टन हो गया। सेलेबल स्टील उत्पादन में भी 11% की तिमाही वृद्धि हुई और यह 329 किलोटन तक पहुंच गया। यह उत्पादन मेंटेनेंस शटडाउन के बाद पटरी पर लौटने का संकेत देता है।
तांबे के उत्पादन में भी सुधार हुआ और यह तिमाही आधार पर 9% बढ़कर 45 किलोटन तक पहुंच गया।
वेदांता के शेयर चढ़े, बाजार की गिरावट के बावजूद 1.8% की बढ़त
वेदांता के शेयर शुक्रवार को 1.8% बढ़कर ₹457.9 पर बंद हुए, जबकि बीएसई सेंसेक्स 0.9% गिरा। कंपनी ने अपना बिजनेस अपडेट बाजार बंद होने के बाद जारी किया।
पिछले 12 महीनों में वेदांता के शेयरों ने 73% का शानदार रिटर्न दिया है। हालांकि, शुक्रवार को बाजार में बिकवाली के बावजूद वेदांता के शेयर 2% बढ़कर ₹458 तक पहुंचे। लेकिन पिछले तीन महीनों में कंपनी के शेयर लगभग 11% गिर चुके हैं।