facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

2030 तक कार्बन एमिशन में 10 प्रतिशत और कटौती का लक्ष्य : स्टील मिनिस्ट्री

Last Updated- December 19, 2022 | 4:47 PM IST
Scindia

सरकार ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि इस्पात मंत्रालय ने 2005 से 2022 के बीच कार्बन उत्सर्जन में 15 प्रतिशत तक की कटौती की है एवं 2030 तक इसमें 10 प्रतिशत और कटौती करने का लक्ष्य रखा है।

इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक देश बन गया है और पिछले आठ साल में देश की उत्पादन क्षमता दोगुनी हो गई है।

सिंधिया ने कहा कि इस्पात मंत्रालय 2070 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए अल्पावधि, मध्यावधि और दीर्घावधि के उपाय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अल्पावधि के तहत 2030 तक ऊर्जा एवं संसाधन दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा आदि के उपयोग को बढ़ावा देकर कार्बन उत्सर्जन में कमी पर ध्यान दिया गया है।

इसी प्रकार मध्यावधि में 2030 से 2047 के बीच हरित हाइड्रोजन और ‘कार्बन कैप्चर’, उपयोग एवं भंडारण पर जोर दिया गया है तथा दीर्घावधि के तहत 2047 से 2070 तक के लिए उपाय किए जाने हैं। उन्होंने कहा कि इस्पात उद्योग में अकार्बनीकरण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उपाय किए गए हैं।

First Published - December 19, 2022 | 4:47 PM IST

संबंधित पोस्ट