facebookmetapixel
डिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का ऐतिहासिक फैसला: अब पीड़ितों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजाPariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी ने छात्रों को दी सलाह- नंबर नहीं, स्किल व बेहतर जीवन पर दें ध्याननागालैंड में क्षेत्रीय प्राधिकरण के गठन को मिली त्रिपक्षीय मंजूरी, PM मोदी ने बताया ‘ऐतिहासिक’क्या खत्म हो रहा है स्थायी दोस्ती का दौर? ट्रंप की नीतियों ने हिला दी वैश्विक गठबंधनों की बुनियाद2026 में भारत का ट्रेड एजेंडा: द्विपक्षीय समझौतों से आगे बढ़कर वैश्विक व्यापार धुरी बनने की तैयारीEditorial: डेटा सेंटर को बिजली देना जरूरी, AI में लीडरशिप ऊर्जा आपूर्ति के नियंत्रण पर टिकीRBI गवर्नर को भरोसा: भारत की आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत, बाहरी मोर्चे पर भी देश पूरी तरह सुरक्षितPSL वर्गीकरण विवाद पर RBI का रुख साफ: यह बैंकों का व्यक्तिगत मसला, पूरी व्यवस्था के लिए खतरा नहींसोने की कीमतों में उछाल से बढ़ा गोल्ड लोन का ग्राफ, RBI ने कहा: एसेट क्वालिटी पर कोई खतरा नहींREITs को मिली बैंक ऋण की मंजूरी: फंड जुटाना होगा आसान, कमर्शियल संपत्तियों का होगा विस्तार

Reliance Industries को SAT ने दिया झटका! फेसबुक-जियो सौदे को लेकर जुर्माना बरकरार, Sebi का आदेश रहेगा लागू

न्यायमूर्ति पीएस दिनेश कुमार की अध्यक्षता वाले पीठ ने कहा, हम अपीलकर्ताओं को इन नियमों की अनुसूची ए के सिद्धांत 4 का उल्लंघनकर्ता मानते हैं और सेबी के आदेश को बरकरार रखते हैं।

Last Updated- May 02, 2025 | 11:21 PM IST
Reliance Industries Limited
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

प्रतिभूति अपील पंचाट (सैट) ने शुक्रवार को बाजार नियामक सेबी के आदेश के खिलाफ रिलायंस इंडस्ट्रीज की याचिका खारिज कर दी। नियामक ने भेदिया कारोबार निषेध नियमन  (पीआईटी) के उल्लंघन पर 30 लाख रुपये जुर्माना लगाया था। जून 2022 के आदेश में सेबी ने आरआईएल को इस कानून का उल्लंघन का दोषी पाया क्योंकि वह जियो प्लेटफॉर्म में फेसबुक के संभावित निवेश का ब्योरा तुरंत बताने में विफल रही थी।

न्यायमूर्ति पीएस दिनेश कुमार की अध्यक्षता वाले पीठ ने कहा, हम अपीलकर्ताओं को इन नियमों की अनुसूची ए के सिद्धांत 4 का उल्लंघनकर्ता मानते हैं और सेबी के आदेश को बरकरार रखते हैं। मामला सितंबर 2019 में आरआईएल और फेसबुक के बीच हुआ गोपनीय और नॉन-डिस्क्लोजर समझौते से जुड़ा है जिस पर उन्होंने दस्तखत किए। इसके बाद 4 मार्च, 2020 को जियो प्लेटफॉर्म्स में फेसबुक के निवेश के लिए गैर-बाध्यकारी करार पर हस्ताक्षर किए गए।

कानूनी विशेषज्ञों ने कहा, हालांकि इस मामले में जुर्माना सिर्फ 30 लाख रुपये का था, लेकिन सैट का फैसला समाचार लीक होने और खुलासों से निपटने में कंपनियों के लिए मिसाल बन सकता है। 24 मार्च, 2020 को फाइनैंशियल टाइम्स ने खबर दी थी कि फेसबुक जियो में 10 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के सौदे के करीब पहुंच गई है। भारत के मीडिया ने भी इस खबर को आगे बढ़ाया जिससे आरआईएल के शेयर में 15 फीसदी की उछाल आई।

आरआईएल ने निश्चित कारार से संबंधित दस्तावेज के बाद 22 अप्रैल, 2020 को स्टॉक एक्सचेंजों को जियो-फेसबुक सौदे के बारे में औपचारिक रूप से बताया जिससे इसके शेयर की कीमत में 10 फीसदी की वृद्धि हुई। आरआईएल ने तर्क दिया कि सिद्धांत 4 के तहत बाजार की अफवाहों की पुष्टि या खंडन करना या सौदे का खुलासा करना उसके लिए बाध्यकारी नहीं है, क्योंकि नियमन केवल चुनिंदा लीक पर लागू होता है।

First Published - May 2, 2025 | 10:52 PM IST

संबंधित पोस्ट