facebookmetapixel
दूध के साथ फ्लेवर्ड दही फ्री! कहानी क्विक कॉमर्स की जो बना रहा नए ब्रांड्स को सुपरहिटWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड की लहर! IMD ने जारी किया कोहरा-बारिश का अलर्ट67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Update: हैवीवेट शेयरों में बिकवाली से बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 340 अंक गिरा; निफ्टी 26,200 के पासStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटा

FY24 में शीर्ष 30 मझोले शहरों में आवासीय बिक्री 11 प्रतिशत बढ़ी: PropEquity

आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में आवासीय बिक्री 11 प्रतिशत बढ़कर 2,07,896 इकाई हो गई, जबकि इससे गत वित्त वर्ष में यह 1,86,951 इकाई थी।

Last Updated- July 05, 2024 | 12:03 PM IST
Housing sales
Representative Image

आवासीय मांग में वृद्धि केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गत वित्त वर्ष 2023-24 में 30 मझोले शहरों में आवासीय संपत्तियों की बिक्री 11 प्रतिशत बढ़कर करीब 2.08 लाख इकाई हो गयी।

रियल एस्टेट डेटा विश्लेषक कंपनी प्रॉपइक्विटी ने मझोले शहरों के आवासीय बाजार पर शुक्रवार को एक रिपोर्ट जारी की। आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में आवासीय बिक्री 11 प्रतिशत बढ़कर 2,07,896 इकाई हो गई, जबकि इससे गत वित्त वर्ष में यह 1,86,951 इकाई थी।

अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, नासिक, गांधीनगर, जयपुर, नागपुर, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम और मोहाली का इन 30 मझोले शहरों की कुल बिक्री में 80 प्रतिशत का योगदान रहता है। इन 10 शहरों में 2023-24 में कुल 1,68,998 आवासीय इकाइयों की बिक्री हुई, जो 2022-23 में 1,51,706 इकाई की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है।

अन्य मझोले शहर भोपाल, लखनऊ, गोवा, कोयम्बटूर, रायपुर, विजयवाड़ा, इंदौर, कोच्चि, त्रिवेंद्रम, मैंगलोर, गुंटूर, भिवाड़ी, देहरादून, लुधियाना, चंडीगढ़, आगरा, मैसूर, सोनीपत, पानीपत और अमृतसर हैं।

प्रॉपइक्विटी के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक समीर जसूजा ने कहा, ‘‘ संपत्ति की कम कीमतों और वृद्धि की संभावनाओं के दम पर मझोले शहरों ने बड़े शहरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।’’ उन्होंने कहा कि किफायती आवास के कारण इन शहरों में बढ़ते मध्यम वर्ग के लिए अपना मकान खरीदने का सपना साकार हो रहा है।

First Published - July 5, 2024 | 12:03 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट