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मुंबई में 14 साल में सबसे अधिक संपत्ति रजिस्ट्रेशन, 2025 में 1.5 लाख से ज्यादा यूनिट्स दर्ज

मुंबई का हाउसिंग मार्केट 2025 में 14 साल का मजबूत प्रदर्शन दिखा, रियल एस्टेट डिमांड और सप्लाई दोनों बढ़ी, छोटे और मिड-रेंज फ्लैटों में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुआ।

Last Updated- December 31, 2025 | 2:22 PM IST
Knight Frank India Real Estate Report
Representative Image

Knight Frank India Report: मुंबई में 2025 में हाउसिंग मार्केट ने 14 साल का सबसे मजबूत प्रदर्शन दिखाया। साल भर में शहर में कुल 1,50,254 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जो लगातार बढ़ती उपभोक्ता मांग और सपोर्टिव सप्लाई की वजह से संभव हो पाया।

स्टैम्प ड्यूटी कलेक्शन भी इसी बढ़ोतरी को दर्शाता है। महाराष्ट्र सरकार को 13,487 करोड़ रुपये का स्टैम्प ड्यूटी राजस्व मिला, जो पिछले 14 साल में सबसे अधिक है। रजिस्ट्रेशन में सालाना आधार पर 6% और स्टैम्प ड्यूटी में 11% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसमें रियल एस्टेट की नई बिक्री और रीसैल दोनों शामिल हैं।

साल के अंत तक मार्केट में उत्साह कायम रहा। दिसंबर 2025 में 14,447 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जिससे सरकार को 1,263 करोड़ रुपये स्टैम्प ड्यूटी में मिले। दिसंबर में रजिस्ट्रेशन का 80% हिस्सा रेसिडेंशियल प्रॉपर्टीज का रहा। सालाना तुलना में दिसंबर में रजिस्ट्रेशन 16% बढ़े, जबकि स्टैम्प ड्यूटी राजस्व में 11% की बढ़ोतरी हुई।

महीने दर महीने देखा जाए तो दिसंबर में रजिस्ट्रेशन 18% बढ़े और स्टैम्प ड्यूटी में 22% की वृद्धि हुई। मार्च 2025 के बाद दिसंबर महीने ने साल का दूसरा सबसे मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया, जब रजिस्ट्रेशन 15,000 यूनिट्स के पार गया। इससे स्पष्ट होता है कि मुंबई में हाउसिंग डिमांड सालभर मजबूत रही।

नाइट फ्रैंक इंडिया के अंतरराष्ट्रीय पार्टनर और चेयरपर्सन, शिशिर बैजल ने कहा कि लगातार उपभोक्ता मांग और सप्लाई-साइड का सहयोगी माहौल इस स्थिरता के मुख्य कारण रहे हैं। साथ ही, स्टाम्प ड्यूटी संग्रह में बढ़ोतरी ने प्रति यूनिट लेन-देन की कीमतों में धीरे-धीरे सुधार को भी दिखाया।

आर्केड डेवलपर्स के चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर अमित जैन ने बताया कि शहर में नई निर्माण गतिविधियों के कारण सप्लाई बढ़ी है और मांग भी उसी अनुपात में बढ़ रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में खरीदारों की खरीद क्षमता में काफी सुधार हुआ है। अब मुंबई का अफोर्डेबिलिटी रेशियो 47% है, जबकि पहले यह 97% तक होता था, यानी पहले मासिक किस्तें परिवार की आय का बड़ा हिस्सा लेती थीं। इसका मतलब है कि अब खरीदार सही दाम और उपयुक्त प्रोडक्ट मिलने पर आसानी से निवेश करने के लिए तैयार हैं।

दिसंबर 2025 में रजिस्ट्रेशन में उच्च मूल्य वाले घरों की हिस्सेदारी बढ़ी। 5 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले घरों का हिस्सा 7% रहा, जो 2024 में 6% था। वहीं, 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये वाले घर स्थिर रहे और 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये वाले घरों की हिस्सेदारी बढ़कर 32% हो गई।

अमित जैन ने कहा, “खरीदार अब प्रीमियम और सुविधाओं से भरपूर घर चाहते हैं, जो जरूरी सेवाओं के नजदीक हों। मजबूत आर्थिक वृद्धि, निवेशक मांग, बेहतर किराए की आय, जीवनशैली में सुधार और कम ब्याज दरें भविष्य में रियल एस्टेट मांग को और बढ़ावा देंगी।”

दिसंबर में 1 करोड़ रुपये तक के फ्लैटों का हिस्सा घटकर 44% से 42% रह गया, क्योंकि महंगाई और खरीदारों की क्षमता पर असर पड़ा।

छोटे फ्लैटों की मांग बनी हुई है, जिसमें 1,000 वर्ग फुट तक के घरों ने कुल रजिस्ट्रेशन का 82% हिस्सा बनाया। सबसे ज्यादा पसंद 500 से 1,000 वर्ग फुट के फ्लैट रहे, जिनका हिस्सा 46% था। 1,000 से 2,000 वर्ग फुट के घरों का हिस्सा बढ़कर 15% हो गया, जबकि 2,000 वर्ग फुट से बड़े फ्लैटों का हिस्सा स्थिर 3% रहा।

क्षेत्रीय दृष्टि से वेस्ट और सेंट्रल सबर्ब्स ने सबसे ज्यादा गतिविधि दिखाई। इन दोनों क्षेत्रों ने कुल रजिस्ट्रेशन का 86% हिस्सा लिया, जो पिछले साल 84% था। वेस्ट सबर्ब्स का हिस्सा 57% रहा, जबकि सेंट्रल सबर्ब्स का 29% रहा। इसके विपरीत, साउथ मुंबई का हिस्सा घटकर 7% हो गया, जो दिसंबर 2024 में 8% था।

First Published - December 31, 2025 | 2:22 PM IST

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