facebookmetapixel
दूध के साथ फ्लेवर्ड दही फ्री! कहानी क्विक कॉमर्स की जो बना रहा नए ब्रांड्स को सुपरहिटWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड की लहर! IMD ने जारी किया कोहरा-बारिश का अलर्ट67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Update: हैवीवेट शेयरों में बिकवाली से बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 340 अंक गिरा; निफ्टी 26,200 के पासStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटा

2034 तक 12.63 करोड़ पीएनजी कनेक्शन, 18,336 सीएनजी स्टेशनों का लक्ष्य

घरेलू प्राकृतिक गैस और कंप्रेस्ड नैचुरल गैस   पर वैट को तार्किक बनाने पर जोर दिया गया है, जिससे स्वच्छ ईंधन ग्राहकों के लिए और व्यावहारिक बन सके

Last Updated- August 27, 2025 | 10:42 PM IST
cng png

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने 2034 तक 12.63 करोड़ पीएनजी कनेक्शन और 18,336 सीएनजी स्टेशनों का लक्ष्य पूरा करने के लिए पहल और नीतियों पर कवायद तेज कर दी है। बोर्ड इसके लिए राज्यों को प्रोत्साहित कर रहा है। पेट्रोलियम नियामक ने बुधवार को यह जानकारी दी। इसका मकसद देश में प्राकृतिक गैस संबंधी बुनियादी ढांचे का उल्लेखनीय रूप से विस्तार करना है।

Also Read: 2038 तक US को पीछे छोड़कर विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत: EY Report

सीजीडी सेक्टर में नीति और परिचालन संबंधी मसलों के समाधान के लिए पीएनजीआरबी के नेतृत्व ने असम, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, राजस्थान, जम्मू कश्मीर अंडमान निकोबार द्वीप समूह व अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों के साथ बैठक की है।

पीएनजीआरबी ने कहा, ‘इस चर्चा में घरेलू प्राकृतिक गैस और कंप्रेस्ड नैचुरल गैस   पर वैट को तार्किक बनाने पर जोर दिया गया है, जिससे स्वच्छ ईंधन ग्राहकों के लिए और व्यावहारिक बन सके। राज्यों को समग्र सीजीडी नीतियां बनाने व लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे मंजूरियों में तेजी आ सके और बुनियादी ढांचे के विकास को तेज किया जा सके। राज्यों को जरूरी सहायता की भी पेशकश की गई।’पंजाब, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुदुच्चेरी, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान सहित 11 राज्यों ने जुलाई 2025 तक सीजीडी नीतियां अधिसूचित कर दी।

First Published - August 27, 2025 | 10:40 PM IST

संबंधित पोस्ट