Air India ‘Pee-gate’: उच्चतम न्यायालय ने उड़ानों में सहयात्री द्वारा पेशाब करने जैसी घटनाओं से निपटने के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने को केंद्र सरकार, नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और विमानन कंपनियों को निर्देश देने संबंधी एक याचिका पर विचार करने पर सोमवार को सहमति जता दी।
इस मामले में वही महिला यात्री याची हैं, जिनके ऊपर गत वर्ष नवम्बर में एअर इंडिया (Air India) की उड़ान में एक सहयात्री ने पेशाब कर दिया था। प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला के पीठ ने महिला की याचिका का संज्ञान लिया और केंद्र, DGCA तथा एअर इंडिया सहित सभी विमानन कंपनियों को नोटिस जारी किए।
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अदालत ने सुनवाई के दौरान उपस्थित सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी SOP तैयार करने में मदद मांगी। मामले की सुनवाई ग्रीष्मावकाश के बाद जुलाई में करने का निर्णय लिया गया। शीर्ष अदालत ने केंद्र और DGCA के अलावा एयर इंडिया, विस्तारा, इंडिगो, गो एयरलाइंस (इंडिया), आकाश एयर एवं स्पाइसजेट लिमिटेड को भी नोटिस जारी किए।