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भारतीय रिजर्व बैंक ने ARC को ईमानदारी और नैतिक आचरण पर ध्यान देने का निर्देश दिया

रिजर्व बैंक के बयान के मुताबिक डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जानकीरमन ने ईमानदारी और नैतिक आचरण की संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए इन चिंताओं पर प्रकाश डाला।

Last Updated- May 17, 2024 | 11:59 PM IST
RBI

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने संपत्ति पुनर्गठन कंपनियों (एआरसी) के कामकाज को लेकर कुछ पर्यवेक्षण संबंधी चिंताएं जताई हैं। पर्यवेक्षी कार्यों के तहत एआरसी के साथ एक दिन तक चली बैठक के दौरान रिजर्व बैंक ने यह सामने रखा है।

रिजर्व बैंक के बयान के मुताबिक डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जानकीरमन ने ईमानदारी और नैतिक आचरण की संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए इन चिंताओं पर प्रकाश डाला। बयान में कहा गया है, ‘अपने संबोधन में स्वामीनाथन ने ईमानदारी और नैतिक आचरण की संस्कृति विकसित करने के लिए सही संप्रेषण पर जोर दिया। उन्होंने एआरसी के कामकाज में कुछ पर्यवेक्षी चिंताओं पर जोर दिया।’

डिप्टी गवर्नर ने एआरसी से विनियमन के साथ अनुपालन में नियमन के पालन का अनुरोध करते हुए कहा कि नियमन के शब्दों के साथ उसकी भावना का भी अनुपालन होना चाहिए। रिजर्व बैंक ने बयान में कहा है, ‘बोर्डों को जोखिम प्रबंधन,अनुपालन और आंतरिक ऑडिट जैसे कार्यों को उचित महत्त्व देना चाहिए। इन कामों से जोखिम की पहचान करने, उन्हें कम करने, कानून व विनियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने में मदद मिलने के साथ ही संगठन की प्रतिष्ठा सुरक्षित होती है।’

एक अन्य डिप्टी गवर्नर एम राजेश्वर राव ने कहा कि बेहतर प्रशासन से एक शानदार कारोबारी मॉडल तैयार करने में एआरसी की मजबूत नींव तैयार होती है। राव ने कहा, ‘इस संबंध में काफी हद तक जिम्मेदारी एआरसी के बोर्डों और शीर्ष पदाधिकारियों पर है। उन्हें इन सिद्धांतों के आधार पर एक मजबूत और संस्थागत संस्कृति विकसित करनी होगी।’

राव ने रिकवरी प्रक्रिया में दायित्वपूर्ण आचरण की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआरसी को पारदर्शी और गैर भेदभाव वाली गतिविधियां अपनानी चाहिए। यह सम्मेलन मुंबई में आयोजित किया गया, जिसमें एआरसी के डायरेक्टर और एमडी व सीईओ शामिल हुए।

इस कॉन्फ्रेंस में सभी 27 एआरसी के करीब 80 हिस्सेदारों ने हिस्सा लिया, जिसमें डिप्टी गवर्नरों ने हिस्सेदारों को संबोधित किया। बैठक में डिप्टी गवर्नरों के अलावा कार्यकारी निदेशक एससी मुर्मू, सौरभ सिन्हा, जेके दास और रोहित जैन के साथ कुछ अन्य अधिकारी भी शामिल हुए, जो रिजर्व बैंक के नियमन व पर्यवेक्षण विभाग से जुड़े हुए हैं।

First Published - May 17, 2024 | 11:22 PM IST

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