सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश, भूटान और नेपाल के कोयला उपभोक्ताओं को अपनी ई-नीलामी में सीधे भाग लेने की अनुमति दी है। इसका मकसद खरीदारों के आधार का विस्तार करना है। कंपनी के संशोधित ढांचे के तहत 1 जनवरी से विदेशी खरीदार कोयले की नीलामियों में सीधे बोली लगा सकेंगे।
कोल इंडिया लिमिटेड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘विदेशी खरीदार घरेलू खरीदारों के समान फ्लोर प्राइस पर नीलामी में भाग लेंगे। नीलामी में सामने आया प्रीमियम सभी प्रतिभागियों के लिए समान होगा।’ इसका मतलब यह है कि विदेशी उपभोक्ताओं के लिए कोई तरजीही मूल्य निर्धारण नहीं किया जाएगा। यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है, जब कोल इंडिया की कोयले की घरेलू बिक्री में ऐतिहासिक गिरावट आई है और अप्रैल-दिसंबर के दौरान कोयले की उठान पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 2.2 प्रतिशत कम रही है। सिर्फ दिसंबर में ही कोयले की उठान 5.2 प्रतिशत कम हुई है।
इससे पहले विदेशी खरीदार कोल इंडिया लिमिटेड के कोयले की खरीददारी केवल भारतीय व्यापारियों के माध्यम से कर सकते थे, जिन्हें अंतिम उपयोग प्रतिबंधों के बिना कोयला खरीदने और बेचने की अनुमति थी। कंपनी ने आज एक शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कहा कि कोल इंडिया के बोर्ड ने हालही में नीलामी के ढांचे में बदलाव को मंजूरी दी थी।
अधिकारी ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत विदेशी खरीदारों के लिए खरीद की मात्रा को लेकर कोई सीमा नहीं रहेगी और वे नीलामी के माध्यम से इसकी खरीदारी कर सकेंगे। अधिकारी ने साफ कर दिया है कि सीआईएल बाजार से संचालित मूल्य व्यवस्था की अनुमति देने को इच्छुक है। कोल इंडिया की खदानों से कोयले की ढुलाई रेल से हो सकेगी, जो विदेशी खरीदार की इच्छा पर निर्भर है। अधिकारी ने कहा कि ढुलाई की पूरी लागत का वहन खरीदार को करना पड़ेगा।
विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के नियमों का अनुपालन करते हुए कोयले की कीमत का इलेक्ट्रॉनिक भुगतान किया जा सकेगा। नेपाल के खरीदार भारतीय रुपये या अमेरिकी डॉलर में भुगतान कर सकेंगे। वहीं बांग्लादेश और भूटान के खरीदारों को रुपये के मूल्य के हिसाब से डॉलर में भुगतान करना होगा।
कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘विदेशी खरीदारों के लिए सिंगल विंडो मोड एग्नोस्टिक (एसडब्ल्यूएमए) ई-नीलामी खोला जाना भारत के घरेलू बाजार की जरूरतों की सुरक्षा के साथ बाजार के विस्तार के दृष्टिकोण को दिखाता है। यह कदम पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और वैश्विक बाजार एकीकरण को बढ़ाने की दिशा में है।’
सीआईएल ने कहा कि संबंधित विदेशी खरीदारों के साथ परामर्श के बाद यह कदम उठाया गया है। भारत के कुल कोयला उत्पादन का 80 प्रतिशत उत्पादन कोल इंडिया करती है। कंपनी की कुल बिक्री में ई-नीलामी का हिस्सा करीब 10 प्रतिशत है। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई)) में कंपनी के शेयर आज पिछले बंद की तुलना में 6.88 प्रतिशत बढ़कर 427.90 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुए।