facebookmetapixel
चांदी की ऐतिहासिक छलांग: 10 दिन में 1 लाख की बढ़त के साथ 4 लाख रुपये के पार पहुंचा भावडॉलर के मुकाबले रुपया 92 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, वैश्विक अस्थिरता ने बढ़ाया मुद्रा पर दबावमुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन का विश्वास: हर दिन असंभव को संभव कर दिखाएंगे भारतीयइंडियन ऑयल की अफ्रीका और यूरोप के बाजारों में पेट्रोकेमिकल निर्यात बढ़ाने की तैयारी: CMD एएस साहनीUP Budget 2026: 11 फरवरी को आएगा उत्तर प्रदेश का बजट, विकास और जनकल्याण पर रहेगा फोकसEconomic Survey 2026: वै​श्विक खींचतान से निपटने के लिए स्वदेशी पर जोरसुप्रीम कोर्ट ने ट्रेड यूनियनों को फटकारा, औद्योगिक विकास में रुकावट के लिए जिम्मेदार ठहरायाEconomic Survey में ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ पर जोर: लाइव कॉन्सर्ट और रचनात्मकता से चमकेगी देश की GDPबारामती विमान दुर्घटना: जांच जारी, ब्लैक बॉक्स बरामद; DGCA सतर्कविदेशों में पढ़ रहे 18 लाख भारतीय छात्र, प्रतिभा पलायन रोकने के लिए बड़े सुधारों की जरूरत: Economic Survey

Zee Ent के फंडिंग प्लान को बड़ा झटका, शेयर 6% लुढ़का, हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश नाकाम!

शेयरहोल्डर्स ने फंड जुटाने के प्रस्ताव को नहीं दी मंजूरी, सिर्फ 59.5% वोट मिले जबकि ज़रूरत थी 75% की

Last Updated- July 11, 2025 | 12:22 PM IST
Zee Entertainment Share

शुक्रवार को Zee Entertainment Enterprises के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। कंपनी के शेयरों में 6.7% तक की गिरावट आई और BSE पर ₹133.05 का इंट्राडे लो छुआ। सुबह 9:45 बजे, शेयर ₹137.45 पर ट्रेड कर रहा था, जो कि 3.14% की गिरावट है। इस दौरान BSE Sensex 0.21% गिरकर 83,012.15 पर था। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप ₹13,202.34 करोड़ है। Zee के शेयर ने पिछले 52 हफ्तों में ₹163.90 का हाई और ₹89.29 का लो छुआ था।

Zee Entertainment Share मे गिरावट की वजह क्या रही?

Zee Entertainment के शेयरों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह रही वह खबर, जिसमें बताया गया कि कंपनी शेयरहोल्डर्स से फंड जुटाने की मंज़ूरी नहीं ले पाई। कंपनी वारंट जारी करके ₹2,237 करोड़ जुटाना चाहती थी, जिससे Goenka परिवार अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सके। लेकिन, इस प्रस्ताव को सिर्फ 59.5% शेयरधारकों का समर्थन मिला, जबकि इसे पास कराने के लिए 75% मंजूरी ज़रूरी थी। इस वजह से Zee की फंडिंग और प्रमोटर हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना को झटका लगा।

ALSO READ | कैंसर दवा की डील के बाद Pharma Stock में बनेगा तगड़ा मुनाफा! मोतीलाल ओसवाल ने दिया ₹2,430 का टारगेट

संस्थागत निवेशकों ने किया विरोध

वोटिंग में 52.2% सार्वजनिक संस्थागत निवेशकों (जैसे म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां) ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया। वहीं, 20.2% नॉन-इंस्टिट्यूशनल पब्लिक शेयरहोल्डर्स (जैसे रिटेल निवेशक) ने भी इसे नकारा। Zee ने अपने बयान में कहा, “बाजार जल्दी बदल रहा है और मुकाबला बहुत बढ़ गया है, इसलिए आगे बढ़ने के लिए हमारे पास मजबूत फंडिंग होना ज़रूरी है।”

ALSO READ | TCS Share Price: आय उम्मीद से कम, मुनाफा बेहतर; क्या अब है खरीदारी का मौका?

प्रमोटर ग्रुप का प्लान और शेयरहोल्डिंग

Zee के 96% शेयर पब्लिक इन्वेस्टर्स के पास हैं, जिनमें लगभग 39% हिस्सेदारी HDFC म्यूचुअल फंड, LIC, और Norway Government Pension Fund Global जैसे संस्थानों के पास है। जून 2025 में Zee के बोर्ड ने एक प्रस्ताव पास किया था जिसमें प्रमोटर ग्रुप को 16.95 करोड़ वारंट्स ₹132 प्रति वारंट के भाव पर देने की मंज़ूरी दी गई थी। इसके ज़रिए Goenka परिवार ₹2,237 करोड़ का निवेश करके अपनी हिस्सेदारी 18.39% तक बढ़ाना चाहता था। लेकिन चूंकि प्रस्ताव को ज़रूरी वोट नहीं मिल पाए, अब यह योजना अटक गई है।

First Published - July 11, 2025 | 11:04 AM IST

संबंधित पोस्ट