facebookmetapixel
Advertisement
गोल्ड लोन की बढ़ती मांग, 2028 तक 30 लाख करोड़ रुपये पहुंच सकता है बाजारNCDEX ने लॉन्च किया ‘Nidhi’ म्युचुअल फंड ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म, अब एक ही जगह SIP, निवेश और रिडेम्पशनAnti Paper Leak Law: अमेरिका, चीन, जापान समेत दुनिया के देशों में परीक्षा में नकल पर क्या है सजा? जानिए नियमदिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए कैसे करें आवेदन? महिलाओं के खाते में हर महीने आएंगे ₹2,500Ambuja Cements Share: कमजोर Q1 नतीजों के बावजूद ब्रोकरेज बुलिश, BUY रेटिंग बरकरार; ₹568 तक टारगेटक्या UPI, NEFT या RTGS से पैसे भेजने पर भी आ सकता है Income Tax का नोटिस?Anti Paper Leak Bill 2026: लोकसभा से पास एंटी पेपर लीक बिल, दोषियों को 10 साल की जेल और ₹50 लाख जुर्मानाCWG 2026: भारत को अब तक 2 स्वर्ण, 7 रजत पदक मिले; पदक तालिका में 9वें स्थान परITR e-Verification: रिटर्न फाइल करने के 30 दिनों के भीतर जरूर कर लें वेरिफिकेशन, जानें 5 आसान तरीकेFD Rates: सीनियर सिटीजन को मिल रहा 8.5% तक ब्याज, जानिए किस बैंक में मिल रहा सबसे ज्यादा रिटर्न

Turmeric board: केंद्र सरकार ने हल्दी बोर्ड के गठन को किया अधिसूचित, निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

Advertisement

हल्दी बोर्ड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए बाजार विकसित करने पर जोर देगा। जिससे 2030 तक हल्दी निर्यात मौजूदा 20.74 करोड़ डॉलर से बढ़कर 100 करोड़ डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

Last Updated- October 04, 2023 | 10:38 PM IST
Turmeric price: नई आवक के दबाव में सस्ती हुई हल्दी, 20 दिन में भाव 18 फीसदी गिरे, Turmeric became cheaper due to pressure of new arrivals, price fell by 18 percent in 20 days

केंद्र सरकार ने आज राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के गठन को अधिसूचित ( notified) कर दिया है। यह बोर्ड देश में हल्दी और हल्दी उत्पादों के विकास और वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह बोर्ड हल्दी की खपत व निर्यात बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए बाजार विकसित करने के साथ ही नए उत्पादों में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने का काम करेगा।

साथ ही बोर्ड विशेष रूप से मूल्य संवर्धन से अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए हल्दी उत्पादकों की क्षमता निर्माण और कौशल विकास पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। बोर्ड गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को भी बढ़ावा देगा। हल्दी बोर्ड की गतिविधियां हल्दी उत्पादकों के क्षेत्र पर केंद्रित और खेतों के करीब बड़े मूल्यवर्धन के माध्यम से हल्दी उत्पादकों की बेहतर भलाई और समृद्धि में योगदान देंगी। जिससे हल्दी उत्पादकों को उनकी उपज के लिए बेहतर कीमत मिलेगी। मूल्य संवर्धन में बोर्ड की गतिविधियां यह भी सुनिश्चित करेंगी कि हमारे उत्पादक और प्रोसेसर उच्च गुणवत्ता वाले हल्दी और हल्दी उत्पादों के निर्यातकों के रूप में वैश्विक बाजारों में अपनी प्रमुख स्थिति को बरकरार रखेंगे।

यह भी पढ़ें : Gold-Silver Price Today: त्योहारी सीजन में फिर घटे सोने-चांदी के भाव, देखें आज का रेट

हल्दी बोर्ड से निर्यात को और मिलेगा बढ़ावा

हल्दी के विश्व व्यापार में भारत की हिस्सेदारी 62 फीसदी से अधिक है। 2022-23 के दौरान, 380 से अधिक निर्यातकों द्वारा 20.74 करोड़ डॉलर मूल्य (करीब 1600 करोड़ रुपये) की 1.53 लाख टन हल्दी और हल्दी उत्पादों का निर्यात किया गया था। हल्दी बोर्ड के गठन से वर्ष 2030 तक देश से हल्दी का निर्यात बढ़कर 100 करोड़ डॉलर (करीब 8000 करोड़ रुपये ) डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। भारतीय हल्दी के लिए प्रमुख निर्यात बाजार बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका और मलेशिया हैं।

यह भी पढ़ें : चाय का निर्यात बढ़ाने पर टी बोर्ड व उत्पादकों की अलग-अलग राय

भारत दुनिया का सबसे बड़ा हल्दी उत्पादक

भारत दुनिया में हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक है। वर्ष 2022-23 में 11.61 लाख टन (वैश्विक हल्दी उत्पादन का 75 फीसदी से अधिक) के उत्पादन होने का अनुमान है। भारत में 3.24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हल्दी की खेती की गई थी। भारत में हल्दी की 30 से अधिक किस्में 20 से अधिक राज्यों में उगाई जाती है। हल्दी के सबसे बड़े उत्पादक राज्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु हैं।

Advertisement
First Published - October 4, 2023 | 5:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement