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प्रतिद्वंद्वी पर भारी अशोक लीलैंड! बेहतर मार्जिन और मजबूत सेगमेंट से निवेशकों का बढ़ा भरोसा

अशोक लीलैंड का आकर्षण ट्रकों से इतर, सीमित पूंजीगत व्यय, बेहतर निर्यात और स्वच्छ वाहन मिश्रण के कारण है

Last Updated- November 16, 2025 | 9:13 PM IST
Ashok Leyland
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के नतीजों ने दो सूचीबद्ध वाणिज्यिक वाहन (सीवी) कंपनियों की मिली-जुली तस्वीर पेश की। अशोक लीलैंड को लेकर ब्रोकरेज फर्म उत्साहित हैं। लेकिन टाटा मोटर्स को लेकर चिंतित हैं। टाटा ने अपना कारोबार अलग करने के बाद स्वतंत्र वाणिज्यिक वाहन कंपनी के रूप में अपने पहले आंकड़े पेश किए हैं।

अशोक लीलैंड का आकर्षण ट्रकों से इतर, सीमित पूंजीगत व्यय, बेहतर निर्यात और स्वच्छ वाहन मिश्रण के कारण है। मौजूदा स्तर पर टाटा मोटर्स अपने 2026-27 के उद्यम मूल्य-परिचालन लाभ के लगभग 10 गुना पर कारोबार कर रही है जबकि उसकी छोटी प्रतिद्वंद्वी कंपनी इस पैमाने पर करीब 15 फीसदी प्रीमियम पर कारोबार कर रही है। वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में राजस्व वृद्धि मोटे तौर पर समान रही। अशोक लीलैंड ने राजस्व में सालाना आधार पर 9.3 फीसदी की बढ़त दर्ज की जबकि टाटा मोटर्स की वृद्धि दर 8.7 फीसदी रही। टाटा मोटर्स का कारोबार 12 फीसदी बढ़ा जबकि अशोक लीलैंड के कारोबार में 7.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। 

कमजोर मिश्रण के कारण टाटा मोटर्स की कुल आय में 4 फीसदी की गिरावट आई जबकि अशोक लीलैंड ने औसत बिक्री मूल्य में 1.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। वीई कमर्शियल व्हीकल्स (वोल्वो ग्रुप-आयशर मोटर्स का संयुक्त उद्यम) ने राजस्व में 10.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की जो कि वॉल्यूम में 5.8 फीसदी की बढ़त और प्राप्तियों में 4.2 फीसदी सुधार के कारण संभव हुई। 

आने वाले समय में बड़े कंपनियों को उम्मीद है कि वस्तु एवं सेवा कर में कटौती के बाद हल्के वाणिज्यिक वाहनों (एलसीवी) की मांग में तेजी आएगी। उन्हें लगता है कि वित्त वर्ष 26 की दूसरी छमाही पहली से बेहतर रहेगी, जिसकी वजह ज्यादा बिक्री, भारी वाणिज्यिक वाहनों की तुलना में एलसीवी का बेहतर प्रदर्शन और सरकार का निरंतर पूंजीगत खर्च है। बेड़े के बेहतर उपयोग, निर्माण और खनन गतिविधियों में तेजी और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती से भी इस क्षेत्र को मदद मिलने की उम्मीद है। मजबूत खपत ने उपयोग और माल ढुलाई दरों को बढ़ाया है जो उद्योग के पक्ष में जाती है।

तीनों कंपनियों ने बेहतर परिचालन लाभ दर्ज किया। टाटा मोटर्स सबसे आगे रही। उसके परिचालन लाभ में सालाना आधार पर 170 आधार अंकों की वृद्धि हुई और यह 12.4 फीसदी हो गई । इसे परिचालन क्षमता, मजबूत मूल्य निर्धारण, कम छूट और बेहतर मिश्रण से मदद मिली।

अशोक लीलैंड का मार्जिन सालाना आधार पर 50 आधार अंक बढ़कर 12.1 फीसदी पर पहुंच गया, जो उम्मीदों के अनुरूप है। यह सुधार बेहतर मिश्रण और उच्च गैर-वाणिज्यिक योगदान के कारण संभव हुआ। वीई कमर्शियल व्हीकल्स का मार्जिन सालाना आधार पर 71 आधार अंक बढ़ा, लेकिन तिमाही रूप से 117 आधार अंक गिरकर 7.8 फीसदी रह गया जो लगातार चौथी तिमाही में 8 फीसदी से नीचे रहा। वाणिज्यिक वाहन कंपनियों में विशुद्ध रूप से अशोक लीलैंड पसंदीदा विकल्प बनी हुई है। उम्मीद से बेहतर परिचालन प्रदर्शन और बेहतर संभावनाओं के बाद शुक्रवार को कंपनी के शेयर ने सर्वकालिक उच्च स्तर को छुआ।

ब्रोकरेज फर्म गैर-ट्रक कारोबारों में इसकी बढ़ती हिस्सेदारी, सतर्क पूंजीगत व्यय, बढ़ते निर्यात और बेहतर मिश्रण का हवाला देते हुए इसके प्रति सकारात्मक बनी हुई हैं। इन बदलावों से राजस्व वृद्धि, मार्जिन और रिटर्न अनुपात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कंपनी के राजस्व में अब गैर-ट्रक कारोबारों का योगदान लगभग आधा है जबकि 2021-22 (वित्त वर्ष 22) में यह 40 फीसदी था। इसमें बसों का योगदान 13 फीसदी, एलसीवी का 12 फीसदी, पुर्जों का 10 फीसदी और निर्यात का 7-8 फीसदी हिस्सा है।

इन खंडों में मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों (एमएचसीवी) की तुलना में ज्यादा मार्जिन है, जिससे ब्रेक-ईवन स्तर पहले के 6,000-7,000 वाहन से घटकर 1,000-1,200 वाहन प्रति माह हो गया है। रक्षा इकाई से राजस्व वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 25 फीसदी बढ़ा और मजबूत ऑर्डर बुक से वित्त वर्ष 26 तक इस क्षेत्र से निरंतर समर्थन का संकेत मिलता है।

विश्लेषक सक्षम कौशल की अगुआई वाली जेएम फाइनेंशियल को उम्मीद है कि अशोक लीलैंड के मार्जिन को उच्च-मार्जिन वाले गैर-एमएचसीवी सेगमेंट की बढ़ती हिस्सेदारी, कड़े लागत नियंत्रण और निर्यात से फायदा होगा। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 26 और वित्त वर्ष 27 के लिए परिचालन लाभ मार्जिन अनुमानों में क्रमशः 40 आधार अंक और 50 आधार अंक की वृद्धि की है और 165 रुपये की लक्षित कीमत के साथ खरीद की रेटिंग दी है।

मोतीलाल ओसवाल ने स्पष्ट संकेतकों के अभाव में टाटा मोटर्स पर ‘तटस्थ’ रुख अपनाया है और 341 रुपये की लक्षित कीमत तय की है। विश्लेषक अनिकेत म्हात्रे प्रमुख क्षेत्रों में कंपनी की घटती बाजार हिस्सेदारी की ओर इशारा करते हैं। एलसीवी वस्तुओं में गिरावट (वित्त वर्ष 2022 में 40 फीसदी से घटकर अब 27 फीसदी) विशेष रूप से चिंताजनक है और मौजूदा अग्रणी कंपनी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के मुकाबले यह अंतर बढ़ता जा रहा है।

First Published - November 16, 2025 | 9:13 PM IST

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