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सोयाबीन खरीद के सीजन की शुरुआत, किसानों से फसल पंजीकरण कराने की अपील

कृषि मंत्रालय के अनुसार NAFED और NCCF एजेंसियां के माध्यम से मूल्य समर्थन योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी दी है, ताकि किसानों की उपज को एमएसपी पर खरीदा जा सके।

Last Updated- October 07, 2024 | 7:33 PM IST
soyabean

Soybean Procurement Season: सोयाबीन खरीदी का सीजन शुरु होने वाला है। राज्य सरकार ने सोयाबीन खरीदने के लिए किसानों का पंजीकरण भी शुरु कर दिया है। सरकार दावा कर रही है कि केन्द्र सरकार द्वारा तय की गई न्यूनतम समर्थन मूल्य 4892 रुपये प्रति क्विंटल पर सोयाबीन की खरीद की जाएगी। हालांकि अभी भी राज्य में सोयाबीन की औसत कीमत 4100 रुपये प्रति क्विंटल चल रही है।

लगातार बारिश के कारण इस साल सोयाबीन खरीदी का सीजन देर से शुरु हो रहा है। एमएसएएमबी के आंकड़ों अनुसार राज्य की विभिन्न मंडियों का सोयाबीन का औसत दाम 4100 रुपये प्रति क्विंटल है। राज्य की सांगली एपीएमसी के अलावा सभी मंडियों में सोयाबीन के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे चल रहे हैं।

सांगली में सोयाबीन की कीमत 5000 रुपये प्रति क्विंटल है। महाराष्ट्र में सोयाबीन का दाम एमएसपी से भी नीचे जाने को लेकर किसानों में नाराजगी भी है जिसको दूर करने के लिए सोयाबीन किसानों की उपज की सरकारी खरीद के लिए केंद्र सरकार ने 2 सहकारी एजेंसियों को जिम्मेदारी सौपी है। कृषि मंत्रालय के अनुसार NAFED और NCCF एजेंसियां के माध्यम से मूल्य समर्थन योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी दी है, ताकि किसानों की उपज को एमएसपी पर खरीदा जा सके।

नोडल एजेंसियों ने शुरु किया पंजीकरण

राज्य सरकार किसानों की फसल खरीदने की तैयारी शुरु कर दी है। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की सभी प्रमुख नोडल एजेंसियों की भी राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। सीजन 2024-25 में महाराष्ट्र राज्य सहकारी विपणन महासंघ, मुंबई और विदर्भ विपणन महासंघ नागपुर की ओर से NAFED और NCCF के माध्यम से निर्धारित मूल दर के अनुसार राज्य में सोयाबीन खरीदने के लिए किसानों का पंजीकरण 1/10/2024 से शुरू किया गया है।

राज्य के 26 जिलों में कार्यालय सोयाबीन उपार्जन हेतु कुल 256 उपार्जन केन्द्र स्वीकृत किये गये हैं, जिनमें से 242 उपार्जन केन्द्र क्रियाशील हैं। स्थापित उपार्जन केन्द्र के माध्यम से न्यूनतम आधार मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी शीघ्र प्रारंभ की जायेगी।

मोबाइल एसएमएस से दी जाएगी जानकारी

महाराष्ट्र सरकार ने अपील की है कि सभी किसानों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मूल दर के अनुसार सोयाबीन खरीद योजना का लाभ उठाना चाहिए। किसानों की कृषि उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए उक्त योजना क्रियान्वित की जा रही है। सबसे पहले अपनी फसल का पंजीयन करा लें तथा प्राप्त होने पर ही विक्रय प्रबंधन की योजना अच्छे से बना लें।

एसएमएस में आपको सोयाबीन की बिक्री के लिए खरीदी केंद्र पर आने का संदेश दिया जाएगा। अब तक लगभग 5000 किसानों ने सोयाबीन की खरीद के लिए पंजीकरण कराया है और इस संबंध में महाराष्ट्र राज्य के अधिक से अधिक किसान उक्त योजना का लाभ उठाएं।

खरीफ सीजन के लिए सोयाबीन का एमएसपी बढ़ा

सोयाबीन उपज किसानों से खरीदने के लिए केंद्र सरकार ने 2024-25 सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 4892 रुपये प्रति क्विंटल रखा है, जो 2023-24 सीजन के दौरान 4600 रुपये प्रति क्विंटल था । इस हिसाब से केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन में सोयाबीन खरीद के लिए 292 रुपये प्रति क्विंटल पर बढ़ाए हैं । इससे पहले 2021-22 सीजन के लिए 350 रुपये बढ़ाए गए थे और 2023-24 सीजन के लिए एमएसपी रेट में 300 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई थी ।

सोयाबीन का रकबा बढ़ा

इस खरीफ सीजन में देशभर में जमकर सोयाबीन की खेती की गई है। चालू खरीफ सीजन में महाराष्ट्र में 50.33 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बोआई हुई है जबकि पिछले साल 2023 में 39.28 लाख हेक्टेयर और 2022 में 48.33 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई की गई थी। देश के दूसरे राज्यों में भी सोयाबीन का रकबा बढ़ा है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ सीजन के दौरान देशभर में 125.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बोआई की गई है, जो पिछले खरीफ सीजन में 123.85 की तुलना में करीब 2 लाख हेक्टेयर अधिक है।

First Published - October 7, 2024 | 7:05 PM IST

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