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₹90 से ₹103 तक? Modern Diagnostic IPO की लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट में दिखा बड़ा संकेत

ग्रे मार्केट में 15% प्रीमियम, IPO को मिला 350 गुना सब्सक्रिप्शन; बुधवार को होगी लिस्टिंग

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- January 06, 2026 | 3:24 PM IST

पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी सेवाएं देने वाली कंपनी Modern Diagnostic & Research Centre का शेयर बुधवार, 7 जनवरी 2026 को शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रहा है। कंपनी ने हाल ही में अपना IPO सब्सक्रिप्शन पूरा किया है, जिसके जरिए उसने ₹36.89 करोड़ जुटाए। यह IPO 2 जनवरी 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए बंद हुआ था।

ग्रे मार्केट से क्या मिल रहे हैं संकेत

लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में Modern Diagnostic के शेयर करीब ₹103.5 के भाव पर ट्रेड करते दिखे। IPO का इश्यू प्राइस ₹90 रखा गया था। यानी ग्रे मार्केट में शेयर करीब ₹13.5 या 15 फीसदी ज्यादा भाव पर चल रहा है। अगर यही हालात बने रहते हैं, तो शेयर की लिस्टिंग करीब ₹103 के आसपास हो सकती है और IPO में शेयर पाने वालों को करीब 15 फीसदी का फायदा मिल सकता है। हालांकि, ग्रे मार्केट पर कोई नियम नहीं होते, इसलिए केवल उसी के आधार पर फैसला करना ठीक नहीं माना जाता।

IPO की पूरी जानकारी

Modern Diagnostic का IPO पूरी तरह नए शेयरों का इश्यू था। इसमें कंपनी ने करीब 41 लाख नए शेयर जारी किए और ₹36.89 करोड़ जुटाए। इस IPO में पुराने शेयर बेचने यानी OFS नहीं था। IPO का प्राइस बैंड ₹85 से ₹90 रखा गया था और एक लॉट में 1,600 शेयर थे। यह इश्यू 31 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक खुला रहा।

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निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स

Modern Diagnostic के IPO को निवेशकों से बहुत मजबूत रिस्पॉन्स मिला। यह IPO कुल मिलाकर 350 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ। सबसे ज्यादा मांग नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की रही, जिनका हिस्सा 519 गुना से ज्यादा भरा गया। रिटेल निवेशकों का हिस्सा करीब 342 गुना, जबकि बड़े निवेशकों (QIB) का हिस्सा करीब 193 गुना सब्सक्राइब हुआ।

कंपनी के IPO का शेयर अलॉटमेंट 5 जनवरी 2026 को तय किया गया। अंतिम इश्यू प्राइस ₹90 प्रति शेयर रखा गया, जो प्राइस बैंड का सबसे ऊपरी स्तर था।

IPO से मिले पैसे का इस्तेमाल कहां होगा

कंपनी ने बताया है कि IPO से जुटाए गए पैसों में से करीब ₹20.7 करोड़ का इस्तेमाल अपने डायग्नोस्टिक सेंटर्स और लैब के लिए नई मेडिकल मशीनें खरीदने में किया जाएगा। इसके अलावा ₹8 करोड़ रोजमर्रा के कामकाज के लिए और ₹1 करोड़ कर्ज चुकाने में खर्च किया जाएगा। बाकी पैसा कंपनी की सामान्य जरूरतों में लगाया जाएगा।

First Published : January 6, 2026 | 3:24 PM IST