Metal Stock: मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc) के शेयर मंगलवार (20 जनवरी) को बाजार में गिरावट के बावजूद शुरुआती कारोबार में 2 प्रतिशत तक चढ़ गए। कंपनी के शेयरों में यह तेजी दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद देखने को मिली। वेदांत की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 की दिसंबर तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही मुनाफा दर्ज किया है। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे चांदी से होने वाली कमाई में तेज बढ़ोतरी, मेटल की कीमतों में मजबूती और पिछले पांच सालों में कंपनी की सबसे बेहतर और कम लागत वाले स्ट्रक्चर का बड़ा योगदान रहा। तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउसेस ने स्टॉक पर अपनी राय जारी कर दी है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने हिंदुस्तान जिंक पर अपनी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग को बरकरार रखा है। हालांकि, ब्रोकरेज ने स्टॉक पर अपने टारगेट प्राइस 670 रुपये से बढ़ाकर 720 रुपये कर दिया है। इस तरह, शेयर मौजूदा लेवल से 10 फीसदी और चढ़ सकता है। हिंदुस्तान जिंक के शेयर सोमवार को 661 रुपये पर बंद हुए।
ब्रोकरेज का कहना है कि हिंदुस्तान जिंक ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है। उसने यह भी कहा कि हाल ही में घोषित विस्तार योजनाएं कंपनी के लंबे समय के लक्ष्य, यानी उत्पादन क्षमता को दोगुना करने, के अनुरूप हैं। इससे आगे की कमाई को लेकर स्पष्टता बढ़ती है। हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि शार्ट टर्म में मुनाफे की बढ़त सीमित रह सकती है और इसमें आगे की तेजी काफी हद तक लंदन मेटल एक्सचेंज में मेटल्स की कीमतों पर निर्भर करेगी।
ब्रोकरेज ने चांदी की ऊंची कीमतों के चलते वित्त वर्ष 2026 के लिए एबिटा और नेट लाभ के अपने अनुमान क्रमशः 5 प्रतिशत, 8 प्रतिशत और 10 प्रतिशत बढ़ा दिए हैं। ब्रोकरेज का कहना है कि हिंदुस्तान जिंक के शेयर की कीमत में पहले से ही ये सकारात्मक बातें शामिल हो चुकी हैं।
जेएम फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज ने हिंदुस्तान जिंक पर अपनी खरीद की सलाह बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर टारगेट प्राइस को 600 रुपये से बढ़ाकर 770 रुपये कर दिया है। इस तरह, शेयर 16 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दे सकता है।
ब्रोकरेज हिंदुस्तान जिंक को लेकर सकारात्मक बना हुआ है। इसके पीछे कंपनी की वैश्विक लागत स्ट्रक्चर में निचले स्तर पर मजबूत स्थिति, हाई क्वालिटी वाली खुद की खदानें, पूरी तरह स्वामित्व वाली बिजली व्यवस्था, बड़े पैमाने पर ऑपरेशन और चांदी से बढ़ते योगदान के साथ इनकम के अलग-अलग स्रोत प्रमुख कारण हैं।
वहीं, एंटिक स्टॉक ब्रोक्रिंग ने हिंदुस्तान जिंक पर ‘Hold’ रेटिंग को बरकरार रखा है। लेकिन टारगेट प्राइस 473 रुपये से बढ़ाकर 621 रुपये कर दिया है।
कंपनी का नेट मुनाफा सालाना आधार पर 46 प्रतिशत बढ़कर 3,916 करोड़ रुपये हो गया। परिचालन से होने वाली आमदनी में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह रिकॉर्ड 10,980 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इस तरह पहली बार कंपनी का राजस्व 10,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया। एबिटा में भी 34 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 6,087 करोड़ रुपये रहा।
वैश्विक कीमतों में तेजी और ज्यादा उत्पादन के चलते चांदी से होने वाली कमाई सालाना आधार पर 83 प्रतिशत बढ़कर 2,676 करोड़ रुपये पहुंच गई। तिमाही मुनाफे में चांदी की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत रही, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं जस्ता, सीसा और दूसरी धातुओं से मिलने वाली आमदनी 16 प्रतिशत बढ़कर 7,932 करोड़ रुपये हो गई। इससे कंपनी का कुल राजस्व 10,608 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 28 प्रतिशत ज्यादा है।
(डिस्क्लमेर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)