ऑटोमोटिव, घरों में इस्तेमाल किए जाने वाले इनवर्टर और कंप्यूटर के क्षेत्र में यूपीएस की बढ़ती खपत के कारण इस वर्ष देश में सीसे की मांग में 15 प्रतिशत तक की वृध्दि हो सकती है। इंडिया लेड जिंक डेवलपमेंट एसोसिएशन (आईएलजेडडीए) के अध्यक्ष एल पुगाझेंती ने कहा, ‘सीसा (लेड) उत्पादन के लगभग 70 प्रतिशत की […]
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भारत में सीसा के सबसे बड़े उत्पादक हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने वैश्विक मूल्यों से बराबरी के लिए कीमतों में कमी की है। राजस्थान के उदयपुर में स्थित कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि सीसे की कीमतें एक प्रतिशत या 1,000 रुपये घटा कर 92,400 रुपये प्रति मिट्रिक टन कर दी गई हैं। जस्ते […]
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भंडारण और प्रसंस्करण की उचित व्यवस्था न होने से बदहाल बिहार के आलू किसानों की सुध लेते हुए राज्य सरकार ने आलू की प्रसंस्करण नीति बनाने का फैसला किया है। मसौदे में आलू के बेहतर इस्तेमाल और इसके प्रसंस्करण के लिए विभिन्न उपाय किए जाने का अनुमान है। राज्य के कृषि मंत्री नागमणि ने कहा […]
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घरेलू वायदा बाजार में मक्के की कीमतों में आज शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी बनी रही जिसका कारण इस अनाज के निर्यात से संबंधित पूछताछ में हुई वृध्दि थी। उल्लेखनीय है कि भारतीय मक्का अमेरिका की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक सस्ता है। बाजार से जुड़े लोगों ने बताया- इस आशंका से कि मक्के के […]
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मानसून के चलते उत्पादक क्षेत्रों से आवक के प्रभावित होने से दिल्ली की थोक मंडी में प्याज की कीमतें बढ़कर प्रति बोरी (40 किलोग्राम) 300 रुपये तक पहुंच गयी हैं। यही नहीं आपूर्ति सीमित होने से थोक कारोबारियों ने जमाखोरी भी शुरू कर दी है। राजस्थान से आने वाली प्याज में 20 रुपये प्रति बोरी […]
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कुछ दिनों पहले खाद्यान्नों की बढ़ती कीमतों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज वॉकर बुश ने विकासशील देशों में खाद्यान्न के बढ़ते उपभोग को कारण बताया था। लेकिन एक ताजा अध्ययन के मुताबिक विकसित देशों में बायोफ्यूल बनाने के लिए खाद्यान्न के बढ़ते उपयोग को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। बुधवार को जारी ऑक्सफैम इंटरनेशनल […]
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विश्व भर में बढ़ती महंगाई और जिंसों की आसमान छूती कीमतों ने एक राजनीतिक बहस को छेड़ दिया है। लेकिन विश्लेषक खाद्यान्न और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के लिए सट्टेबाजों को क्लीन चिट देते हुए इसकी वजह मांग और आपूर्ति में सही तालमेल न बैठ पाने को बता रहे हैं। मेरिल लिंच की ताजा रिपोर्ट […]
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असम चाय उद्योग, जो वर्ष 1999 से मंदी के दौर से गुजर रहा है, में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। अगर असम चाय के उत्पादन के आंकड़े और मूल्य उगाही सही रहे तो ऐसा लगता है कि उद्योग के दिन फिरने वाले हैं। इस साल अप्रैल महीने तक 56,960 किलो अधिक चाय का उत्पादन […]
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इस साल पहाड़ी इलाकों में बादाम का उत्पादन कम होने से दिल्ली की मंडियों में भी इसकी आवक कम रही। आजादपुर सब्जी मंडी के थोक व्रिकेताओं ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि इस बार बादाम की आवक पिछली बार की तुलना में एक तिहाई रही। मंडी में बादाम के आने का यह आखिरी समय चल […]
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हरियाणा सरकार द्वारा डीजल पर वैट को 12.5 फीसदी से घटाकर 8.8 फीसदी करने से दिल्ली के पेट्रोल पंप वालों के लिए मुश्किल आ गई हैं। उनके कारोबार में इस कदम के बाद काफी कमी आई है। फरीदाबाद और गुड़गांव की सीमा से लगने वाले पेट्रोल पंपों को इससे सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना […]
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