वॉलस्ट्रीट पर सॉफ्टवेयर कंपनियों में नुकसान के बाद आज भारत में भी आईटी शेयरों में तेज गिरावट देखी गई। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) में नए घटनाक्रम ने निवेशकों को डरा दिया और बढ़ते स्वचालन को लेकर चिंता बढ़ा दीं।
निफ्टी आईटी सूचकांक में 5.87 फीसदी की भारी गिरावट आई, जो 23 मार्च, 2020 के बाद एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है। निफ्टी आईटी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 1.92 लाख करोड़ रुपये तक घट गया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इन्फोसिस दोनों के शेयर 7 फीसदी से ज्यादा टूटे। विप्रो में 3.8 फीसदी की गिरावट आई। पर्सिस्टेंट सिस्टम्स 4.6 फीसदी और एलटीआई माइंडट्री 5.5 फीसदी नुकसान में रहे।
बेंचमार्क निफ्टी 0.19 फीसदी बढ़त पर बंद हुआ। सेंसेक्स भी 78.56 अंक की मामूली बढ़त के साथ 83,817.69 पर बंद हुआ।
आईटी क्षेत्र को चिंता तब शुरू हुई जब एआई स्टार्टअप एंथ्रोपिक ने इन-हाउस वकीलों के लिए उत्पादकता टूल पेश किया, जो समूची कार्यप्रणाली को स्वचालित करता है। इससे निवेशकों को चिंता है कि ऐसे एआई टूल के विकास से पारंपरिक कारोबारी मॉडल वाले सॉफ्टवेयर कंपनियों को नुकसान होगा और पूरे उद्योग का मुनाफा घट जाएगा।
स्वचालित टूल जारी होने की खबर से मंगलवार को वॉलस्ट्रीट पर बिकवाली शुरू हो गई और नैस्डैक 100 1.55 फीसदी नीचे बंद हुआ। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार गोल्डमैन सैक्स समूह के अमेरिकी सॉफ्टवेयर शेयरों का बास्केट 6 फीसदी गिर गया जो अप्रैल में शुल्क की वजह से हुई बिकवाली के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है।
जेपी मॉर्गन ने हाल ही में एक रिपोर्ट में कहा कि सॉफ्टवेयर की बिकवाली बढ़ गई है और कुछ ही सुरक्षित ठिकाने बचे हैं क्योंकि एआई में तेजी से विकास हो रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्लाउड एक ऐसे चैटबॉट से एजेंट में बदल रहा है जो टेक्स्ट-आधारित सवालों के जवाब देता है और आपके मैक की लोकल फाइलों और ब्राउजर पर काम करता है।
हालांकि इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थानक जी चोकालिंगम के अनुसार एआई के भारतीय आईटी कंपनियों पर असर डालने को लेकर हाल में जो डर फैला है, वह ज्यादातर बेवजह है। उनका मानना है कि निवेशक कई सकारात्मक बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
चोकालिंगम ने कहा कि कंपनी के भारतीय आईटी फर्मों की बाजार हिस्सेदारी में सेंध लगाने की चिंताओं को बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रुपये की हालिया गिरावट निर्यातकों के लिए थोड़ा सकारात्मक है मगर बाजार इस फायदे को नजरअंदाज कररहा है।
उन्होंने कहा कि बीएफएसआई कंपनियां सुरक्षा चिंताओं और नियामकीय जोखिमों के कारण मुख्य आईटी उत्पादों को एआई से आसानी से बदल नहीं सकतीं और यह भी कहा कि इन कंपनियों में इतनी बड़ी गिरावट का कोई वाजिब कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि बाजार इस बात को अनदेखा कर रहा है कि भारतीय आईटी कंपनियां खुद भी अपनी सेवाओं में एआई को शामिल कर रही हैं।
अमेरिका के साथ व्यापार करार को लेकर अनिश्चितता खत्म होने से मंगलवार को आईटी सूचकांक 1.4 फीसदी बढ़कर बंद हुआ था।