ब्लैकरॉक के चेयरमैन एवं सीईओ लैरी फिंक (बाएं) ने आरआईएल के चेयरमैन मुकेश अंबानी से बातचीत में कहा, अगले 20-25 वर्षों में भारत दुनिया की सबसे तेज एवं प्रभावशाली आर्थिक ताकत बनेगा
परिसंपत्ति प्रबंधन करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी ब्लैकरॉक के चेयरमैन एवं मुख्य कार्याधिकारी लैरी फिंक ने कहा है कि अगले 20 से 25 वर्षों में भारत दुनिया की सबसे तेज एवं प्रभावशाली आर्थिक ताकत बनकर उभरेगा। उन्होंने निवेशकों से आग्रह किया कि वे देश की प्रगति को बाजार में उथल-पुथल, शेयर बाजार में गिरावट अथवा भू-राजनीतिक तनाव जैसी अल्पकालिक घटनाओं के बजाय दीर्घकालिक नजरिये से देखें।
फिंक ने कहा, ‘जब मैं भारत के बारे में सोचता हूं तो मैं उसे तिमाही और यहां तक कि सालाना नजरिये से नहीं देखता हूं। यह एक लंबी अवधि का दृष्टिकोण है। भारत की आर्थिक प्रगति महज कुछ दिनों, हफ्तों अथवा एक साल का मामला नहीं है बल्कि यह दशकों तक चलने वाली संभावना है।’ उन्होंने कहा कि अगले दो से ढाई दशक के दौरान भारत दुनिया का एक सबसे महत्त्वपूर्ण विकास इंजन बन सकता है।
फिंक ने पूंजी बाजार में लोगों की व्यापक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे घरेलू बचत का उपयोग भारत की वृद्धि को रफ्तार में किया जा सकेगा और विदेशी पूंजी पर अत्यधिक निर्भरता भी कम होगी। उन्होंने कहा, ‘किसी भी देश के लिए वृद्धि की बुनियाद उसकी घरेलू पूंजी होती है जिसमें सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली बचत और परिवारों का दीर्घकालिक निवेश शामिल हैं। इसमें आखिरकार अर्थव्यवस्था को बदलने की ताकत होती है।’
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति को नीतिगत स्थिरता, बुनियादी ढांचे में लगातार निवेश और उद्यमियों एवं परिवारों में बढ़ते आत्मविश्वास से रफ्तार मिल रही है।
अंबानी ने कहा, ‘भारत आज हर क्षेत्र में संभावनाओं से भरा है।’ उन्होंने कहा कि 8 से 10 फीसदी की सतत आर्थिक वृद्धि संभव है और इसे हासिल किया जा सकता है। उन्होंने इसका श्रेय स्थिर नेतृत्व, राजकोषीय अनुशासन और नीति निर्माण में निरंतरता को दिया। इससे सड़क, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी में पर्याप्त निवेश हुआ है।
फिंक ने प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत की छलांग को उजागर किया। उन्होंने रुपये के डिजिटलीकरण, स्मार्टफोन को व्यापक तौर पर अपनाए जाने और 5जी रोलआउट को वाणिज्य, उपभोग एवं शिक्षा को नया आकार देने वाले ढांचागत बदलाव के रूप में बताया। उन्होंने कहा, ‘भारत में प्रौद्योगिकी का व्यापक तौर पर विस्तार वास्तव में प्रेरणादायक है।’
ब्लैकरॉक के चेयरमैन एवं मुख्य कार्याधिकारी लैरी फिंक ने कहा कि यह देश डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में एक वैश्विक नेता के रूप में उभरा है। अंबानी ने युवा उद्यमियों और स्टार्टअप में बढ़ते आत्मविश्वास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत के पास जबरदस्त क्षमता है और वह 100 रिलायंस इंडस्ट्रीज बना सकता है।
उन्होंने कहा, ‘युवा पीढ़ी में आत्मविश्वास मुझे सबसे अधिक रोमांचित करता है। उनमें यह भरोसा है कि कल वास्तव में आज के मुकाबले बेहतर होगा।’ उन्होंने लोगों की मानसिकता में हुए इस बदलाव को भारत के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण बताया।
वित्तीय बाजार के बारे में अंबानी ने कहा कि भारत बचत करने वाला देश है, लेकिन यहां पारिवारिक बचत का एक बड़ा हिस्सा अभी भी सोना-चांदी जैसी गैर-उत्पादक परिसंपत्तियों में चला जाता है। अगर इस बचत को पारदर्शी एवं भलीभांति विनियमित पूंजी बाजार में लगाया जाए तो इसे चक्रवृद्धि करने और आर्थिक वृद्धि में योगदान करने का अवसर मिलता है।
उद्योग जगत के दोनों दिग्गजों ने भारत की आर्थिक प्रगति को रफ्तार देने के लिए शेयर बाजार में लगातार निवेश किए जाने के महत्त्व को रेखांकित किया। फिंक ने कहा कि एआई कोई बुलबुला नहीं है। उन्होंने आगाह किया कि एआई में कम निवेश करने से लघु अवधि के उतार-चढ़ाव से भी बड़ा जोखिम पैदा हो सकता है। फिंक ने कहा, ‘एआई अर्थव्यवस्था के हर हिस्से तक पहुंचेगी। ऐसे में एआई में निवेश को नजरअंदाज करने वाले देश अथवा कंपनियां पीछे रह जाएंगी।’ उन्होंने कहा कि भारत अपने विशाल बाजार और प्रतिभाओं के मद्देनजर इस प्रौद्योगिकी का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है।