Anthropic new ai tool: आईटी कंपनियों के शेयर में बुधवार (4 फरवरी) को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। इंफोसिस, विप्रो और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) जैसे आईटी शेयर 9 प्रतिशत तक लुढ़क गए। इसका कारण अमेरिका और यूरोप में डेटा एनालिटिक्स, प्रोफेशनल सर्विसेज और सॉफ्टवेयर शेयरों में आई तेज गिरावट रहा। यह बिकवाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेवलपर एंथ्रॉपिक (Anthropic) के नए एआई टूल पेश करने के बाद देखने को मिली। एंथ्रॉपिक के नए टूल के चलते आईटी कंपनियों के कारोबार में बड़े बदलाव की आशंका बढ़ गई है। बाजारों को चिंता है कि एंथ्रोपिक का नया AI टूल आईटी सर्विसेज की मांग को कम कर सकता है।
अमेरिकी शेयर बाजार में कारोबार के दौरान निवेशकों में चिंता बनी रही। डर यह था कि नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स जानी मानी सॉफ्टवेयर और टेक कंपनियों के कारोबार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे इन कंपनियों की कीमत तय करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। भविष्य के मुनाफे को लेकर भी आशंका बढ़ गई। इसी चिंता के चलते सॉफ्टवेयर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई। खासकर उन कंपनियों के शेयर ज्यादा टूटे, जिन्हें एआई से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है।
एआई सेक्टर की दिग्गज कंपनियां एनवीडिया और माइक्रोसॉफ्ट करीब 3 प्रतिशत तक गिर गईं। अल्फाबेट अपने तिमाही नतीजों से पहले 1.2 प्रतिशत फिसला, जबकि अमेज़न गुरुवार को आने वाले नतीजों से पहले 1.8 प्रतिशत टूट गया। नैस्डैक कंपोज़िट इंडेक्स 1.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,255.19 के स्तर पर बंद हुआ।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 3 फरवरी 2026 को अमेरिकी टेक शेयरों में आई बिकवाली की एक बड़ी वजह एंथ्रॉपिक को लेकर बढ़ी चिंताएं रहीं। निवेशकों ने एंथ्रॉपिक के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोडक्ट्स से जुड़ी नए अपडेट पर रियेक्ट किया। खासकर उन टूल्स को लेकर जो जानी मानी सॉफ्टवेयर, कानूनी और डेटा कंपनियों के कारोबारी मॉडल के लिए खतरा माने जा रहे हैं।
एंथ्रॉपिक एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी है। यह क्लॉड नाम की एआई मॉडल सीरीज बनाती है। अब कंपनी ने क्लॉड कोवर्क एजेंट के लिए नए एआई टूल जारी किए हैं। ये टूल अलग-अलग काम अपने आप कर सकते हैं।
इन टूल्स से कानूनी काम, बिक्री, मार्केटिंग, नियमों का पालन और डेटा से जुड़ा विश्लेषण (Analysis) आसानी से किया जा सकता है। अब तक इन कामों के लिए महंगे और लाइसेंस वाले सॉफ्टवेयर इस्तेमाल होते थे।
नए एआई टूल आने से कानूनी रिसर्च प्लेटफॉर्म, डेटा विश्लेषण सेवाएं और पेशेवर सॉफ्टवेयर देने वाली कंपनियों को सीधी चुनौती मिल सकती है। इसी वजह से यह डर बढ़ गया है कि एआई के कारण लंबे समय तक चलने वाले और ज्यादा मुनाफा देने वाले सब्सक्रिप्शन कारोबार पर असर पड़ सकता है।
पॉल एसेट में इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट और 129 वेल्थ फंड के फंड मैनेजर प्रसेनजीत पॉल ने कहा कि टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो जैसे बड़े आईटी शेयरों में आई तेज गिरावट एक बड़े स्ट्रक्चरल बदलाव का संकेत है। कर्मचारियों की संख्या पर टिके ट्रेडिशनल सर्विस मॉडल अब गंभीर दबाव में हैं। इसकी वजह यह है कि एजेंटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब बड़े पैमाने पर होने वाले काम खुद करने लगा है।
उन्होंने कहा कि इसे वे संकट नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देखते हैं। उनके अनुसार, आईटी सेक्टर अब दो हिस्सों में बंट रहा है। इसी वजह से वे उन विशेष आईटी कंपनियों में निवेश कर रहे हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं जैसे चुनिंदा क्षेत्रों और वैश्विक ओईएम कंपनियों को सर्विसेज देती हैं।
उन्होंने कहा, ”एजेंटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से ये छोटी और खास क्षेत्र में काम करने वाली आईटी कंपनियां अपनी कमाई को कर्मचारियों की लागत से अलग कर पा रही हैं। इससे उनके मुनाफे में तेज बढ़त और शेयर वैल्यूएशन में बड़े सुधार की संभावना है। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे दबाव झेल रही बड़ी कंपनियों से आगे देखें और इन विशेष ‘एआई से लाभ पाने वाली’ कंपनियों पर ध्यान दें। ताकि अगली तेजी का फायदा उठाया जा सके।”